हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे शुभ और पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस साल यह पर्व 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और खरीदारी का फल कभी खत्म नहीं होता, इसलिए इसे “अक्षय” कहा जाता है।
🪔 क्या है अक्षय तृतीया का महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन ही
- भगवान परशुराम का जन्म हुआ था
- त्रेता युग की शुरुआत मानी जाती है
- पांडवों को अक्षय पात्र प्राप्त हुआ था
इसी कारण यह दिन बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।
🛍️ क्यों करते हैं इस दिन खरीदारी?
अक्षय तृतीया पर खासतौर पर सोना, चांदी, जमीन, वाहन या नया व्यवसाय शुरू करना शुभ माना जाता है।
इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी खरीदारी की जा सकती है, क्योंकि पूरा दिन ही शुभ माना जाता है।
बाजारों में भी इस दिन को लेकर जबरदस्त तैयारी है। ज्वेलरी शॉप्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में विशेष ऑफर्स और छूट दी जा रही है, जिससे खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है।
🌟 शुभ मुहूर्त (संभावित)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अक्षय तृतीया पर
- सुबह से लेकर शाम तक का समय शुभ रहता है
- खासतौर पर सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक खरीदारी और पूजा के लिए उत्तम समय माना जा रहा है
(नोट: सटीक मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकता है)
🧘 क्या करें इस दिन?
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
- जरूरतमंदों को दान दें
- नया काम या निवेश शुरू करें
- परिवार के साथ शुभ कार्य करें
⚠️ क्या न करें?
- इस दिन झगड़ा या नकारात्मक काम से बचें
- उधार लेने से बचने की सलाह दी जाती है
📊 क्या रहेगा असर?
अक्षय तृतीया के चलते देशभर में सराफा बाजार, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारी इसे साल के सबसे बड़े व्यापारिक दिनों में से एक मानते हैं।
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