लखनऊ: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए भारतीय नौसेना के एक कर्मी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को गोपनीय सैन्य जानकारी भेजने का आरोप है।
एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम आदर्श कुमार बताया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा जिले का रहने वाला है और भारतीय नौसेना में तैनात था। जांच एजेंसियों को लंबे समय से उस पर शक था कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध विदेशी संपर्कों में है।
सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी का संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों से हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपी को पहले दोस्ती और बातचीत के जरिए अपने जाल में फंसाया गया और बाद में उससे भारतीय नौसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मांगी जाने लगीं।
सूत्रों के अनुसार आरोपी को कथित तौर पर हनी ट्रैप के जरिए फंसाया गया था। इसके बाद उसने नौसेना से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां और कुछ तस्वीरें संदिग्ध लोगों को भेजीं।
लंबे समय से चल रही थी निगरानी
एटीएस को जब इस गतिविधि की जानकारी मिली तो एजेंसी ने आरोपी पर नजर रखना शुरू कर दिया। डिजिटल सबूत और तकनीकी जांच के बाद एटीएस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी विदेशी एजेंटों के संपर्क में है।
इसके बाद एटीएस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने अब तक कितनी गोपनीय जानकारी लीक की है और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
अदालत में पेश, न्यायिक हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है। जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार देश की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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