Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

भारत दौरे पर आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, राजदूत ने की पुष्टि


भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर जारी खींचतान के बीच रिश्तों को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के हालिया बयान ने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर नई उम्मीद जगाई है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले एक से दो साल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आ सकते हैं।

कूटनीतिक हलकों में इसे भविष्य के बड़े घटनाक्रमों की भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है, जो दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे सकते हैं।

'भारत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात'

सर्जियो गोर ने कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर काम करना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने भारत की विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक भूमिका की सराहना की। गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि साझा मूल्यों और आपसी भरोसे पर आधारित हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के बीच संवाद को और मजबूत करना और सहयोग के नए रास्ते खोलना है।

भारत-अमेरिका रिश्तों का नया चरण

राजदूत गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका की दोस्ती अब पारंपरिक साझेदारी से आगे बढ़ चुकी है। रक्षा, तकनीक, व्यापार, जलवायु और इंडो-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इसे 'नेक्स्ट फेज पार्टनरशिप' बताया, जहां दोनों देश वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना कर रहे हैं। यह रिश्ता अब केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा से भी जुड़ चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप के संभावित भारत दौरे के मायने

सर्जियो गोर के मुताबिक, अगले एक से दो साल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की संभावना है। उन्होंने इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद अहम बताया। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान रक्षा सौदे, व्यापार समझौते और रणनीतिक सहयोग पर बड़े फैसले हो सकते हैं। ट्रंप की यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक भरोसे और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत कर सकती है।

'अमेरिका भारत के साथ दीर्घकालिक रिश्ते चाहता है'

राजदूत गोर ने दोहराया कि अमेरिका भारत के साथ दीर्घकालिक और मजबूत रिश्ते चाहता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। भारत को वैश्विक मंच पर एक अहम साझेदार मानते हुए अमेरिका उसके साथ मिलकर काम करना चाहता है। यह साझेदारी न सिर्फ दोनों देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


Post a Comment

0 Comments