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अज्ञातवास से बाहर आया आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू, वीडियो बनाकर मौत की खबर को बताया बकवास, उगला जहर



खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू, जिसकी मौत की खबरें कल सोशल मीडिया से लेकर तमाम न्यूज मीडिया में वायरल हुई थीं, वो एक अफवाह निकली है।

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने यूनाइटेड नेशंस के हेडक्वार्टर के सामने से एक वीडियो बनाकर दावा किया है, कि उसकी मौत की खबर गलत है।

आपको बता दें, कि कल खबर आई थी, कि प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' के कुख्यात आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की मौत हो गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था, पन्नु की मौत अमेरिका में एक सड़क दुर्घटना में हुई है। अमेरिका के हाईवे 101 पर पन्नू की गाड़ी का एक्सीडेंट होने का दावा किया गया था, जिसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी।

जिंदा है गुरपतवंत सिंह पन्नू

गुरपतवंत सिंह पन्नू सिख फॉर जस्टिस नाम की आतंकी संगठन का एडवाइजर और प्रवक्ता है। पन्नू आए दिन भारत के खिलाफ नफरती बयान देता रहा है और उसने पिछले साल खालिस्तान का नक्सा भी जारी किया था। उसे भारत सरकार आतंकवादी घोषित कर चुकी है।

पिछले कुछ महीनों से एक के बाद एक कई खालिस्तानी आतंकी मारे गये हैं, लिहाजा गुरपतवंत सिंह पन्नू की मौत हुई या नहीं, इसकी पुष्टि करना आसान नहीं था। अब गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी करते हुए अपनी मृत्यु की अटकलों को खारिज कर दिया है। वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू को 5 जुलाई बोलते हुए देखा जा सकता है।

अपने वीडियो में आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा में भारतीय राजनयिकों को फिर से धमकी दी है। वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू को कहते सुना जा सकता है, कि वो 16 जुलाई को कनाडा में खालिस्तान रेफरेंडम की बात कर रहा है और इसके अलावा उसने खालिस्तानी आतंकी, निज्जर की मौत के पीछे भारतीय राजनयिकों पर आरोप लगाया है।

आपको बता दें, कि गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख और खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून की शाम कनाडा के सरे में गुरुद्वारा साहिब परिसर में दो अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जालंधर के भर सिंह पुरा गांव के मूल निवासी 46 साल का निज्जर, खालिस्तान टाइगर फोर्स के सदस्यों को ऑपरेट करने, उनकी नेटवर्किंग संभालने, उन्हें ट्रेनिंग देने और उनके लिए पैसे जुटाने का काम करता था।

गुरपतवंत सिंह पन्नू अपने वीडियो में कहता है, कि जिसे भी उससे मिलना हो, वो आ सकता है।


आपको बता दें, कि निज्जर की हत्या के बाद कई खालिस्तानी आतंकवादी अज्ञातवास में हैं और इधर-उधर छिपे हुए हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू भी लंबे अर्से से छिपा हुआ था और अब जाकर जब उसकी मौत की खबर फैली, तो वो लोगों के सामने आ गया।

कौन है खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू?

मूल रूप से अमृतसर के खानकोट गांव के रहने वाले पन्नू ने पंजाब विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया है। बाद में वह विदेश चला गया और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सहयोग से पंजाब में खालिस्तानी अलगाववादी मुहिम को फिर से जिंदा करने की कोशिश में है। उसके पिता महिंदर सिंह, पंजाब राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कर्मचारी थे। पन्नू, तीन भाई-बहनों में से एक था। फिलहाल वह अब अमेरिका और कनाडा में रह रहा है।

पन्नू, अमेरिका स्थित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापकों में से एक है। यह संगठन 2007 में स्थापित किया गया था। भारत सरकार ने SFJ के अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते उसे 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था। कई वर्षों से सक्रिय, SFJ का सबसे हालिया अलगाववादी अभियान को 'रेफरेंडम 2020' था, जिसने कथित रूप से पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने का अभियान चलाया गया था।



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