तीन दिन तक लगातार बारिश के बाद मंगलवार को बारिश से तो राहत मिली लेकिन पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बरसात ने नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंचा दिया है। हरियाणा के सात जिलों के 554 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना, घग्गर और मारकंडा नदियों का पानी पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, कैथल और कुरुक्षेत्र जिलों के गांवों में भर गया है।
तीन लाख एकड़ फसल पानी में डूबी हुई है। इन गांवों से लोगों को निकालने में प्रशासन और पुलिस की टीमें लगी हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से अंबाला में महिला समेत दो लोगों और पानीपत व सोनीपत में एक-एक किसान की मौत हो गई। कैथल के खरौदी गांव में गड्ढे में भरे बरसाती पानी में डूबने से 10 और 11 साल के दो बच्चों की मौत हो गई।
कुरुक्षेत्र में 10 से ज्यादा गांव में बाढ़ का पानी घुसा है। इसके अलावा 20 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। करनाल जिले के 24 गांव पानी में डूब गए हैं और इनमें से 11 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। पिछले 24 घंटे से शेरगढ़ टापू के पास करनाल-गंगोह मार्ग बंद है।
अंबाला जिले के 450 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 76 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा है। बारिश के पानी में डूबने से अंबाला में दो लोगों की मौत हो गई। सोमवार देर शाम अंबाला छावनी बस स्टैंड से आ रहे 45 वर्षीय सुरेश कुमार की मोटरसाइकिल सरसेहड़ी गांव में पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।
मंगलवार को पुलिस ने गड्ढे से शव निकाला। अर्जुन नगर निवासी 62 वर्षीय महिला अनीता जैन काफी समय से मानसिक रूप से बीमार थी। सोमवार को घर में जलभराव के बाद परिजनों ने छत पर शरण ले रखी थी। अनीता अचानक पानी में गिर गईं और उनकी मौत हो गई।
सोनीपत के गन्नौर के गांव घसौली के निकट यमुना नदी के पास भैंसों को चराने लेकर गए 65 वर्षीय बालकिशोर की यमुना में डूबने से मौत हो गई। कैथल जिले में घग्गर नदी से सटे 30 गांव पानी में डूबे हैं। इन सभी का संपर्क जिला मुख्यालयों से कटा है। यमुनानगर के 30 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है और 20 से ज्यादा गांव पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रतापनगर और छछरौली क्षेत्र में दो जगह सड़क टूट चुकी है। इसके चलते 20 से 30 गांवों का संपर्क टूट गया है।
उधर, यमुना का जल स्तर बढ़ने से सोनीपत में भी नदी किनारे के इलाकों पर जिला प्रशासन नजर रख रहा है। सिरसा में भी घग्गर का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले में 24 घंटे में तीन हजार क्यूसेक तक नदी का जलस्तर बढ़ा है। बुधवार तक नदी का जलस्तर 15 हजार क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका है। किसान घग्गर के बीच में बने छोटे बांधों को मजबूत करने में किसान लगे हैं।
हिमाचल में फंसे हरियाणा के 100 लोग
- रेवाड़ी के गांव पदैयावास और घुड़कावास के चार युवा मनाली के कसोल में घूमने गए थे। मंगलवार को चारों युवकों ने परिजनों को सुरक्षित होने की सूचना दी।
- सोनीपत से हिमाचल घूमने गया स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन के 18 सदस्यों का दल कसोला के पास बरसानी में फंस गया है। इसमें बच्चे, युवा व बुजुर्ग भी शामिल हैं।
- रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के 70 विद्यार्थी सोलंग में फंस गए हैं। विद्यार्थियों का यह दल एडवेंचर कैंप के लिए गया था।
- भिवानी जिले के बवानीखेड़ा से विधायक बिशंबर वाल्मीकि, उनके पीएसओ, चालक व पीए के अलावा गांव बलियाली के सरपंच सचिन सरदाना का परिवार अब सुरक्षित जगह पर पहुंच गया है।
गृह मंत्री अनिल विज ने नाव में बैठ लिया जायजा
अंबाला छावनी और अंबाला शहर में अभी जलभराव जस का तस है। यहां पर पानी की निकासी का रास्ता नहीं बन पा रहा है। गृह मंत्री अनिल विज नाव में बैठकर अंबाला छावनी में अघोषित बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना।
टापू पर फंसे बुजुर्ग को सकुशल निकाला
सोनीपत के मीमारपुर यमुना घाट स्थित टापू पर कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने पर उपायुक्त ललित सिवाच खुद वहां पहुंचे। मौके पर पहुंचकर पता चला कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव कुताना निवासी 65 वर्षीय नफीस टापू पर फंसा है। उपायुक्त ने नाव भेजकर एक घंटे में उसे सकुशल निकाल लिया।
बाढ़ से बर्बादी
| जिला | फसल डूबी | बाढ़ प्रभावित गांव |
| पानीपत | 30 हजार | 10 |
| कुरुक्षेत्र | 50 हजार | 10 |
| करनाल | 10 हजार | 24 |
| अंबाला | 1 लाख 48 हजार | 450 |
| कैथल | 20 हजार | 30 |
| यमुनानगर | 45 हजार | 30 |
90% लोग ये नहीं जानते…
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