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“हां, मैं अंधभक्त हूं…” PM मोदी के समर्थन में एक्ट्रेस का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग



PM मोदी के समर्थन में बोलना एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर को पड़ा भारी? सोशल मीडिया पर मचा बवाल

बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर इन दिनों अपने एक बेबाक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को लेकर प्रदर्शन के दौरान की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। ईशा ने इन टिप्पणियों की आलोचना करते हुए प्रदर्शन के तरीके और भाषा पर सवाल उठाए।

रिपोर्टों के मुताबिक, ईशा ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। 

“हां, मैं अंधभक्त हूं…”

ईशा के बयान का सबसे ज्यादा चर्चा में आया हिस्सा उनका खुद को “अंधभक्त” कहना है। रिपोर्टों में उनके हवाले से बताया गया कि अगर देश के लिए बोलना या प्रधानमंत्री के समर्थन में खड़ा होना किसी को “अंधभक्त” बनाता है, तो वह यह शब्द स्वीकार करने से पीछे नहीं हटेंगी।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर कोई उनके इस रुख से असहमत है तो वह उन्हें सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर सकता है और इससे उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ता। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके पक्ष और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

क्या सच में लोगों ने उन्हें अनफॉलो किया?

यही इस खबर का महत्वपूर्ण पहलू है। कुछ मीडिया रिपोर्टों और वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ईशा के बयान के बाद कुछ यूजर्स ने उन्हें अनफॉलो किया और उन्हें ट्रोल भी किया गया। वहीं दूसरी तरफ कई यूजर्स ने उनके बेबाक रुख की तारीफ भी की और उनके समर्थन में कमेंट किए। 

हालांकि, कितने लोगों ने वास्तव में उन्हें अनफॉलो किया, इसका कोई आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए इसे यह कहना कि “ईशा कोप्पिकर के लाखों फॉलोअर्स कम हो गए” जैसी निश्चित खबर के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

प्रदर्शन को लेकर भी रखी अपनी बात

ईशा ने विरोध-प्रदर्शनों के अधिकार को पूरी तरह खारिज करने के बजाय प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाया। उनके मुताबिक अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा और व्यवहार की भी एक मर्यादा होनी चाहिए। 

उनका यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब छात्र आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज है। ईशा ने कथित तौर पर उन लोगों की भी आलोचना की जो विरोध के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर दो खेमों में बंटे लोग

ईशा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स दो पक्षों में नजर आए। कुछ लोगों ने अभिनेत्री के बेबाक अंदाज की तारीफ करते हुए कहा कि कलाकारों को भी अपनी राजनीतिक राय रखने का अधिकार है। वहीं कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की और उन्हें ट्रोल किया। 

फिलहाल सबसे सटीक निष्कर्ष यही है कि ईशा कोप्पिकर ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई और अपने राजनीतिक रुख को लेकर मुखर हुईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना और समर्थन दोनों मिला। “समर्थन करना भारी पड़ गया” वाली बात मुख्यतः सोशल मीडिया प्रतिक्रिया और अनफॉलो किए जाने के दावों पर आधारित है, जिसका कोई पुष्ट संख्या-आधारित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। 


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