अलवर निवासी अमन कुमार शर्मा ने शनिवार दोपहर बाद दिल्ली के अपने निवास पर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस की शुरुआती जांच में में सामने आया कि मृतक अमन कुमार शर्मा की पत्नी ने उन्हें बुरी तरह से परेशान करके रखा हुआ था और पूरे घर की कमांड अपने हाथ में ले रखी थी।
जिसके कारण जज अमन कुमार परेशान थे। और उन्होंने शनिवार को दुनिया से अलविदा बोल दिया। जज अमन कुमार में पिता प्रेम ने बताया कि अमन कुमार दिल्ली में कक्कड़नुमा कोर्ट में जज थे। और वो अपने बच्चों के साथ दिल्ली में ही रहते थे।
पिता का कहना ह बेटे अमन की पत्नी ने उन्हें प्रताड़ित कर रखा था जिसके कारण वो काफी परेशान थे। घटना वाले दिन मेरे बेटे अमन कुमार के द्वारा धमका दिया। जिसके बाद मेरी पुत्रवधु ने उसके साथ लड़ाई कर दी। जिससे वो टेंशन में आ गया और फिर बॉथरूम के जाकर दरवाजा बंद कर दिया। अमन कुमार ने पिता ने बताया की मैने अपनी पुत्रवधू से कहा कि एक बार मुझे अमन से बात करने दो लेकिन उन्होंने मुझे मेरे बेटे से बात भी नहीं करने दी। और कुछ ही मिनटों बाद ये घटना हो गई । अगर मेरे बेटे से बात हो जाती तो शायद वो बच जाता।
घर में शांत माहौल के लिए हर महीने जाते थे वृंदावन
जज अमन कुमार ने पिता ने बताया कि उसकी पुत्रवधू आए दिन उसके बेटे के साथ लड़ाई झगड़ा करती थी। मैंने कई बार समझाया लेकिन नहीं मानी। घर में सुख शांति बनी रहे इसके लिए में बांकेबिहारी के दरबार मे वृंदावन मंदिर भी जाता हूं। एक दिन पहले ही बाबा के दरबार मे होकर आया था। लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरा मेरे बेटे से ये आखरी मिलना होगा। अमन कुमार शांत स्वभाव का था और वो हमेशा अच्छा ही सोचता था लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी जिंदगी एक दिन शांत हो जाएगी।
जवान बेटे को मुखाग्नि देने के बाद आंखों में बहते रहे आसूं
जवान और होनहार बेटे की अंतिम यात्रा के दौरान हर कोई पिता के दुख को समझ रहा था और पास आकर कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधा रहा था। लेकिन जवान बेटे को मुखाग्नि देने के बाद दूर खड़े होकर बेबस पिता अपने आसूं नहीं रोक पाए और खड़े खड़े रोते रहे।
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