अंबाला। पंजोखरा थाने में बिजली कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन बुधवार को 22 वें दिन भी जारी रहा। कैंट यूनिट के तहत सभी सब-यूनिटों में कामकाज ठप रहा और विरोध प्रदर्शन किया गया।
सर्कल सचिव सतबीर देसवाल ने घोषणा की कि जब तक कर्मचारियों पर दर्ज प्राथमिकी रद्द नहीं होती, आंदोलन थमेगा नहीं। निगम अधिकारियों का तानाशाहीपूर्ण रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 5 फरवरी को पंचकूला में एसीएस पावर के घेराव को निर्णायक लड़ाई बताते हुए सभी कर्मचारियों को पहुंचने की अपील की। यूनिट सचिव सोनू यादव ने कहा कि अंबाला कैंट का एक-एक कर्मचारी जायज मांगों के लिए पंचकूला में उपस्थिति दर्ज कराएगा।
मांगें नहीं हुई पूरी
यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल पुलिसिया कार्रवाई तक सीमित नहीं है। कर्मचारी लंबे समय से कैशलेस मेडिकल सुविधा और रिस्क अलाउंस लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा समान काम-समान वेतन और सभी श्रेणियों में तरक्की, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और इंटर-यूटिलिटी का विरोध व मुफ्त बिजली यूनिट के कोटे में बढ़ोतरी की मांग शामिल हैं।
0 Comments