भोपाल, मध्य प्रदेश – राजधानी भोपाल के पिपलानी इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय छात्र Ansh Sahu ने कथित तौर पर ऑनलाइन गेमिंग की लत और दबाव के कारण आत्महत्या कर ली। घटना ने पूरे शहर में चिंता की लकीर खींच दी है और माता-पिता तथा समाज में डिजिटल दुनिया के प्रभाव पर बहस तेज कर दी है।
🕰️ घटना कब और कैसे हुई?
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यह घटना 4 फरवरी 2026 को पिपलानी क्षेत्र में हुई जब Ansh का परिवार कुछ समय के लिए घर से बाहर गया हुआ था।
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घर लौटने पर परिवार ने अपने बेटे को कमरे में बेहोश पाया और तुरंत अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। Ansh परिवार का इकलौता बेटा था।
📱 मोबाइल गेमिंग का प्रभाव
परिवार और शुरुआती जांच के अनुसार Ansh काफी समय से मोबाइल फोन पर गेम खेल रहा था, खासकर Free Fire गेम में। परिवार का कहना है कि वह गेम में दिए गए टास्क पूरे करने की कोशिश में दबाव महसूस कर रहा था और इसी कारण उसने यह घातक कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और सटीक कारण का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन की डिजिटल जांच जारी है।
पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है — गेमिंग लत, चैट इतिहास, ऑनलाइन दबाव और संभावित मानसिक तनाव को समझने के लिए फोन की जांच प्राथमिकता पर है।
👨👩👦 परीक्षा, परिवार और मानसिक दबाव
Ansh एक कक्षा 8 का छात्र था और उसके माता-पिता दोनों ने बताया कि उन्होंने उसकी पढ़ाई और व्यवहार को लेकर कई बार बातचीत की थी। लेकिन वह मोबाइल गेमिंग को रोकने में सक्षम नहीं हो पाया। परिवार ने बताया कि वह गेम में लंबे समय तक व्यस्त रहता था, जिससे उसकी पढ़ाई और दिनचर्या भी प्रभावित हो रही थी।
🚓 पुलिस की प्रतिक्रिया
पिपलानी पुलिस ने मामले में मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और परिवार तथा दोस्तों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कोई जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या कोई ऑनलाइन चैट, कार्य, या अन्य दबाव घटना में भूमिका निभा रहा था।
⚠️ पहले भी ऐसे मामले दर्ज
भारत में ऑनलाइन गेमिंग और युवा मानसिक स्वास्थ्य पर पहले भी कई चिंताएं उठ चुकी हैं। ऐसे में गाजियाबाद में तीन बहनों के आत्महत्या मामले को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है जिसमें कथित ऑनलाइन गेम टास्क को संभावित कारण बताया गया था।
📌 विशेषज्ञों की चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि:
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मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग पर अत्यधिक समय देना मानसिक तनाव और अलगाव का कारण बन सकता है।
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माता-पिता को बच्चों की स्क्रीन टाइम, गेमिंग गतिविधियाँ और मनोदशा पर निगरानी रखने की आवश्यकता है।
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स्कूल और परिवार में खुलकर बातचीत और बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
💬 निष्कर्ष
यह बेहद दुखद घटना न केवल Ansh के परिवार के लिए एक गहरा सदमा है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन मनोरंजन की लत पर गंभीर सोचने का विषय भी है।
पुलिस जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने पर ही मामले के सभी पहलुओं पर निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
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