PTI की रिपोर्ट के मुताबिक मामला तब सामने आया, जब नाबालिग पीड़िता ने पिछले महीने अपनी मां को पूरी घटना बताई. इसके बाद परिवार ने 18 फरवरी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) में शिकायत दर्ज कराई. इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति की सदस्य स्वागतिका पात्रा ने दी.
शिकायत मिलने के अगले दिन CWC की टीम ने स्कूल का दौरा कर मामले की जांच शुरू की और इसे संवेदनशील करार दिया. इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
पुलिस की कार्रवाई
केंद्रापाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और एफआईआर में नामजद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा. एसपी ने कहा, 'यह एक संवेदनशील मामला है. मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम, जो महिला अपराध प्रकोष्ठ का हिस्सा है, जांच की निगरानी करेगी.' पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है.
एक साल तक दुष्कर्म का आरोप
परिवार का आरोप है कि छात्रा के साथ लंबे समय तक बार-बार दुष्कर्म किया गया. यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ अन्य शिक्षक, जिनमें एक महिला शिक्षक भी शामिल है, आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे. आरोपियों ने कथित तौर पर छात्रा को धमकी भी दी थी कि वह इस बारे में किसी को न बताए.
स्कूल प्रशासन का पक्ष
पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रशासन को भी इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी परिवार की तरफ से CWC में शिकायत दर्ज कराने के बाद ही मिली.वहीं मामले पर प्रिंसिपल ने कहा, 'पूरी सच्चाई विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी.'
आगे की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियां विस्तृत जांच में जुटी हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को हर संभव कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जाएगी.
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