भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और किसी भी दुश्मन कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान 2025 में कुल 31 आतंकवादी मारे गए. जिसमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी थे. सेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है लेकिन लगातार निगरानी की जरूरत है. जानें सेना प्रमुख ने और क्या कहा?
#WATCH | Delhi: Responding to ANI's question regarding Operation Sindoor, Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "I remember, around August 13th or 14th, they (Pakistan) mistakenly released a list of about 150 people, which we analysed, and then they withdrew it. Of… pic.twitter.com/HVoPrrPhlq
— ANI (@ANI) January 13, 2026
सेना प्रमुख ने कहा: जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है लेकिन नियंत्रण में है
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आगे कहा कि वह देशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि भारतीय सेना हर स्थिति में सतर्क, मज़बूत और दृढ़ है. सेना में पुनर्गठन चल रहा है. रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, शक्तिबान रेजिमेंट और अग्नि प्लाटून बनाई गई है. भारतीय सेना शुरू से ही थिएटर कमांड के लिए प्रतिबद्ध रही है. जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है लेकिन नियंत्रण में है.
सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो आगे बढ़ने की गतिविधियां हुई थीं, उन्हें दोनों देशों ने धीरे-धीरे कम कर दिया है. हालांकि हमारी आंखें और कान खुले है. फिलहाल IB और LoC के दूसरी तरफ अभी भी लगभग 8 सक्रिय आतंकवादी कैंप है. इनमें से दो कैंप IB के पास और छह LoC के पास है. पाकिस्तान के साथ DGMO-स्तर की बातचीत के दौरान परमाणु कार्यक्रम के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई.
ऑपरेशन सिंदूर खत्म नही हुआ- सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने कहा है कि वे पहले से ही ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे और उनके ढांचे पर विचार कर रहे थे. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्होंने इस दिशा में अपने प्रयासों को तेज कर दिया है. इस दौरान सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी दुश्मन कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है. उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है। लगातार निगरानी ज़रूरी है.
‘2025 में 31 आतंकवादी मारे गए’
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में 10 मई से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है. 2025 में 31 आतंकवादी मारे गए है. जिनमें से 65% पाकिस्तान के थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव के दौरान पहलगाम हमले में मारे गए तीन हमलावर भी शामिल है. अब एक्टिव लोकल आतंकवादियों की संख्या सिंगल डिजिट में है. जम्मू और कश्मीर में पॉजिटिव बदलाव के साफ संकेत दिख रहे हैं, जिसमें ज़ोरदार डेवलपमेंट एक्टिविटीज़, टूरिज्म की फिर से शुरुआत और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा शामिल है, जिसमें 400,000 से ज़्यादा तीर्थयात्री आए. “आतंकवाद से पर्यटन” की थीम धीरे-धीरे सच हो रही है.
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