गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में रविवार की सुबह एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल भगवान सोमनाथ का जलाभिषेक किया, बल्कि हाथ में डमरू लेकर शिव भक्ति में रमे नजर आए।
लेकिन, पीएम की इस भक्ति और उनके 'स्वाभिमान' वाले बयान पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने बेहद तीखा तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
हिंदुस्तान को बांटने वाली ताकतों से रहें सावधान
सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए आक्रमण के 1000 साल पूरे होने पर आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होते हुए पीएम मोदी ने इतिहास के जख्मों और वर्तमान की शक्ति पर खुलकर बात की। पीएम ने बिना नाम लिए जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य से देश में ऐसी ताकतें रहीं जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आने से रोकने की कोशिश की गई थी। पीएम ने कहा, "1000 साल पहले आततायियों को लगा था कि वे जीत गए, लेकिन आज सोमनाथ की ध्वजा बता रही है कि सत्य को कभी मिटाया नहीं जा सकता।"
नेहा सिंह राठौर का 'मदारी' वाला तंज
एक तरफ पीएम मोदी सोमनाथ की महिमा का बखान कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ नेहा सिंह राठौर ने एक कई ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। नेहा ने पीएम द्वारा डमरू बजाने और उनके पुराने 'गमछा' लुक को जोड़ते हुए लिखा- "मदारी डमरू बजा रहा है। लोग दूषित पानी पीकर मर रहे हैं। जो नहीं मरे हैं वो तमाशा देख रहे हैं। अपनी बारी आने पर मरेंगे। जब तक जीवित हैं, देशहित में चुप रहेंगे। मदारी गमछा लहरा रहा है, जनता पागल हो रही है।" नेहा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने आगे लिखा कि तमाशा देखने के पैसे नहीं देने होंगे, बल्कि पैसा खुद मदारी देगा। यह तंज सीधे तौर पर पीएम मोदी के उस अंदाज पर था जब उन्होंने बिहार चुनाव जीतने के बाद 'गमछा' लहराकर जनता का अभिवादन किया था।
भक्ति और राजनीति के बीच छिड़ी जंग
पीएम मोदी ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की और पंचामृत से अभिषेक किया। उन्होंने 'सद्भावना ग्राउंड' की रैली में लोगों को चेतावनी दी कि देश को बांटने वाली ताकतें आज भी सक्रिय हैं। वहीं, विपक्ष और उनके समर्थकों का मानना है कि आस्था के नाम पर बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
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