लखनऊ। लखनऊ KGMU के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन से जुड़े मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके पिता सलीमुद्दीन की भूमिका को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सलीमुद्दीन ने 4 राज्यों में निकाह किए थे।
सलीमुद्दीन कथित तौर पर लंबे समय से धर्मांतरण की गतिविधियों में सक्रिय था। उसने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराया। यही नहीं, उसने अपने डॉ. बेटे रमीज को भी मोटिवेट कर टारगेट दिया था।
पुलिस ने सलीमुद्दीन और उसकी पत्नी खतीजा को सोमवार (5 जनवरी) को मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट, ठाकुरगंज से गिरफ्तार किया था। दोनों मूल रूप से खटीमा, ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के निवासी हैं। वर्तमान में लखनऊ में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। डॉ. रमीजुद्दीन को पुलिस ने 9 जनवरी को ठाकुरगंज से गिरफ्तार किया।
पढ़िए सलीमुद्दीन के कारनामे…
पहली पत्नी के रहते किया दूसरा निकाह
सलीमुद्दीन ने पहली पत्नी के रहते 35 साल पहले खतीजा नाम की महिला से दूसरा निकाह किया, जो पहले हिंदू थी। रमीज पहली पत्नी का बेटा है, जो पंजाबी थी। परिवार के भीतर ही ऐसी सोच विकसित की गई, जिसमें हिंदू समाज के प्रति नफरत और उन्हें निशाना बनाने की मानसिकता को पोषित किया गया।
क्लिनिक बना संपर्क का जरिया सलीमुद्दीन उत्तराखंड के खटीमा में होम्योपैथिक क्लिनिक चलाता था। पुलिस के अनुसार, वह इलाज के बहाने महिलाओं से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करता था। उसकी गतिविधियों से परेशान होकर कई लोगों ने उससे दूरी बना ली थी, जिसके बाद वह अक्सर पीलीभीत के न्योरिया स्थित अपने पैतृक घर में रहने लगा था।
संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे बाप-बेटे…
पुलिस का कहना है कि सलीमुद्दीन, उसका बेटा रमीज और काजी जाहिद हसन राना मिलकर बंद कमरों में दीनी तालीम के नाम पर बैठकें करते थे। इन बैठकों में कथित तौर पर कट्टर विचारधारा का प्रचार किया जाता था और एक संगठित गिरोह खड़ा करने की कोशिश चल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, सलीमुद्दीन ने अपने बेटे रमीज को खुद से भी आगे बढ़कर हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए फंसाने का टारगेट दिया था। रमीज पर आरोप है कि वह डॉक्टर होने की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज, मदद और भरोसे के जरिए महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था।
ठाकुरगंज से पकड़ा गया डॉ. रमीजुद्दीन
पुलिस ने KGMU में लव जिहाद और धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन को ठाकुरगंज से शुक्रवार देर शाम को गिरफ्तार किया। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस टीमें उसकी तलाश 4 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कर रही थीं।
पुलिस ने लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा वाले घरों पर 7 जनवरी को ही कुर्की का नोटिस चिपकाया था। मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब KGMU में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन का दबाव डाला।
गिरफ्तारी के बाद बदला सुर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर रमीज पुलिस के सामने माफी मांगता नजर आया, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उसके चेहरे पर पछतावे के स्पष्ट भाव नहीं दिखे। पुलिस अब सलीमुद्दीन के चारों निकाह, उनकी पत्नियों की पृष्ठभूमि और कथित धर्मांतरण के मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
लव जिहाद के आरोपी डॉक्टर को पुलिस भागा हुआ करार दे रही थी। जबकि वह 18वें दिन लखनऊ में ही पकड़ा गया।
CM योगी से मिली थी लव जिहाद पीड़ित डॉक्टर लखनऊ KGMU में लव जिहाद पीड़ित डॉक्टर सीएम योगी से 31 दिसंबर 2025 में मिली थी। सीएम योगी ने आरोपी डॉक्टर ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी का सख्त आदेश दिया था। वहीं, उसी दिन यूनिवर्सिटी परिसर में पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के बयान दर्ज किए थे। तब तक पैथोलॉजी HOD का बयान नहीं हो सका था।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सभी 7 सदस्यीय मेंबर्स की मौजूदगी में जांच टीम ने पैथोलॉजी विभाग में कार्रवाई शुरू की थी। जांच टीम में पैथोलॉजी विभाग के वह प्रोफेसर भी शामिल हुए, जिन पर लैब के अंदर नमाज और तकरीरें पढ़ने का आरोप था। जांच कमेटी के सामने बचाव पक्ष की तरफ से भी खुलकर बातें रखी गईं थीं।
वहीं, पीड़ित डॉक्टर से सीएम योगी ने इंसाफ दिलाने का वादा किया था। पुलिस अफसरों को सख्त मैसेज दिया गया था कि आरोपी डॉक्टर को किसी भी हालत में गिरफ्तार करके लाओ। पीड़ित और सीएम योगी की यह मुलाकात पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी।
डॉ. रमीज से पुलिस कस्टडी में होगी गहन पूछताछ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. रमीज को लेकर लखनऊ पुलिस 48 घंटे की पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है। इस दौरान पुलिस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करेगी। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में घटना से पहले के हालात, पीड़िता से संपर्क, कथित अपराध की पूरी योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर फोकस रहेगा।
पुलिस यह भी जानना चाहती है कि धर्म परिवर्तन, गर्भपात और अन्य आरोपों में किन-किन लोगों की सक्रिय भूमिका रही। रिमांड के दौरान मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
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