अंबाला | Maltimedia News
अंबाला जिले में कार्यरत जन स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों को 31 जनवरी तक पूरा नहीं किया गया, तो वे जिले भर में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
जन स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन बार-बार ज्ञापन देने और आश्वासन मिलने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
🔹 क्या हैं जन स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख मांगें
जन स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं—
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मानदेय/वेतन में बढ़ोतरी
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स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करना
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कार्यभार के अनुसार सुविधाएं
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समय पर भुगतान
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सुरक्षा और कार्यस्थल की मूलभूत सुविधाएं
कर्मियों का कहना है कि कम संसाधनों और सीमित मानदेय में वे जनता को स्वास्थ्य सेवाएं देने का कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है।
🔹 आंदोलन की रूपरेखा तैयार
जन स्वास्थ्य कर्मियों की यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि
यदि 31 जनवरी तक मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो—
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धरना-प्रदर्शन
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कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन
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और सामूहिक आंदोलन
जैसे कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान सरकार और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
🔹 प्रशासन पर दबाव बढ़ा
इस चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
🔹 आम जनता पर पड़ सकता है असर
अगर आंदोलन उग्र होता है तो
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टीकाकरण
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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम
जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
📌 जन स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ कहा है कि अब वे केवल आश्वासनों पर नहीं, बल्कि ठोस फैसले चाहते हैं।
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