पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे हमले की कहानी बदल रही है. उन्होंने हमले से पहले संदिग्ध गतिविधियों और घोड़े वाले पर शक जताया है. नौसेना अधिकारी विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने शांति की अपील करते हुए न्याय की मांग की है.
घोड़े वाले पर भी ऐशन्या द्विवेदी को है शक
उन्होंने कहा, ‘एक इंसान वहां इतने बड़े फील्ड में अकेले भेड़ चरा रहा था. इस बात का कोई सेंस बनता है? मुझे नहीं मालूल है कि वह संदिग्ध है भी कि नहीं, पर मैं जानना चाहती हूं कि वो अकेला वहां क्यों था? उन आतंकियों को इन्हीं लोगों ने हथियार सप्लाई किए होंगे, उनके पास खुद से नहीं आए हैं.’
ऐशन्या द्विवेदी ने आगे कहा, ‘शुभम ने नेटवर्क के बारे में पूछा था, वह ऐसी किसी जगह नहीं जाता था जहां नेटवर्क न हो. शुभम ने घोड़े वाले से पूछा था कि ऊपर नेटवर्क है तो उसने बोला कि हां भइया फुल नेटवर्क है. अगर वो बोल देता कि नेटवर्क नहीं है, तो शुभम जाता ही नहीं. उनको तो बस ले जाना था. हम 11 लोग थे और मेरी बहन को घोड़े से डर लग रहा था. उसने बताया कि इसमें दो पॉइन्ट हैं उसके बाद घाटी आती है. पहले पॉइंट पहुंचने के बाद हमें डर लगा तो हमने वापस जाने के लिए कहा, लेकिन घोड़े वाले फोर्स कर रहे थे. उन्होंने हमसे 10 मिनट तक बहस की.’
हिमांशी नरवाल ने क्या कहा?
वहीं, नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल ने लोगों से ‘मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे न पड़ने’ की अपील की है. साथ ही साथ विनय नरवाल के लिए ‘न्याय’ पर जोर देकर शांति की प्रार्थना की. विनय नरवाल की पहलगाम में उनके जन्मदिन से महज 10 दिन पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. नरवाल 1 अप्रैल को 27 साल के हो जाते.
हिमांशी नरवाल ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे पड़ें. हम शांति और सिर्फ शांति चाहते हैं. बेशक, हम न्याय चाहते हैं. जिन लोगों ने उनके साथ गलत किया है, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए.’ हिमांशी की शादी लेफ्टिनेंट नरवाल से 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले से ठीक एक सप्ताह पहले हुई थी. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे.
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