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कांग्रेस के 9 सांसद समेत 15 विपक्षी MPs पूरे सत्र से सस्पेंड, लोकसभा-राज्यसभा में जोरदार हंगामा



संसद की सुरक्षा में एक दिन पहले हुई बड़ी चूक के बाद सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में 15 विपक्षी सांसदों को शेष सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया.

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सस्पेंड किये गए 14 सांसद लोकसभा से, जबकि एक राज्यसभा से हैं. सस्पेंड किये गए 15 सांसदों में से 9 कांग्रेस के, 2 CPM के, 1 CPI के और 2 डीएमके से और 1 TMC से हैं.

किस पार्टी के कितने सांसद

सबसे पहले कांग्रेस के 5 सांसदों को निलंबित किया गया और फिर कांग्रेस, द्रमुक, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कुल 9 सदस्यों को निलंबित किया गया. सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 2 बजे शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कांग्रेस के टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस को आसन की अवमानना के मामले में शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा. सभा ने ध्वनिमत से जोशी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

जोशी ने अपने प्रस्ताव में कहा कि आसन की अवमानना करने के लिए इन 5 सदस्यों का नाम आसन की ओर से लिया गया है और इन्हें शेष सत्र के लिए सदन से निलंबित किया जाए. इस दौरान बी महताब आसन पर थे. इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. कार्यवाही फिर से आरंभ होने के बाद जोशी ने कांग्रेस के वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद और मणिकम टैगोर, द्रमुक की कनिमोई, एस आर प्रतिबन, माकपा के एस वेकटनेशन और पी आर नटराजन तथा भाकपा के के. सु्ब्बारायन के निलंबन का प्रस्ताव रखा. इसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी. पीठासीन सभापति महताब ने दूसरी बार में 9 विपक्षी सदस्यों के निलंबन के बाद दोपहर करीब तीन बजकर दो मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

डेरेक ओब्रायन राज्यसभा से सस्पेंड

संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन सुरक्षा में हुई चूक के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर 'अमर्यादित आचरण' करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन को मौजूदा संसद सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. निलंबन के बाद भी ओब्रायन के सदन में मौजूद रहने के कारण भोजनावकाश के बाद तीन बार कार्यवाही स्थगित की गई. दोपहर ढाई बजे जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो सभापति धनखड़ ने इस बात पर आपत्ति जताई कि निलंबन का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद ओब्रायन सदन में मौजूद हैं. उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह प्रस्ताव की अवहेलना कर रहे हैं और आसन की अवमानना कर रहे हैं. उनके आचरण ने सदन को पंगु बना दिया है...लोगों पर सदन की कार्यवाही का बोझ पड़ता है. जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए हम सब बाध्य हैं.' धनखड़ ने ओब्रायन से सदन से बाहर जाने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, 'चूंकि निलंबित सदस्य सदन से बाहर नहीं गए हैं, इसलिए सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जब तीन बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होगी तो ओब्रायन आसन के आदेश का पालन करेंगे. हालांकि 3 बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर भी डेरेक ओब्रायन सदन में मौजूद थे और सभापति ने बैठक चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले, ओब्रायन के निलंबन के विरोध और संसद की सुरक्षा में चूक पर चर्चा की विपक्ष की मांग के मुद्दे पर हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी.

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