वो कहते हैं न 'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' ये कहावत हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में सच होकर सामने आई है। जहां पर एक बेहरम बाप ने अपनी 18 साल की मासूम बेटी को नारे में फेंक दिया। लेकिन बच्ची के लिए कांवड़िए देवदूत बनकर आए और बच्ची की जान बचा ली।
पुलिस ने बताया कि कांवड़िये ने नहर में कूदकर बच्चे को बचा लिया। उसने राउगढ़ गांव के कांवड़िये केंद्र के प्रभारी को बच्ची को सौंप दिया, जहां से बच्ची को ज्योतिसार में पुलिस के पास पहुंचा दिया गया। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आरोपी ने अपनी छोटी बेटी को कथित तौर पर नहर में फेंकने के बाद अपनी पत्नी को फोन इस पूरी घटना का जानकारी दी। आरोपी की पत्नी लुधियाना गई थी उसने पत्नी से कहा कि वह लोगों को यह बताए कि उन्होंने अपनी बेटी को किसी को गोद दे दिया है। यही नहीं आरोपी ने अपनी पत्नी धमकी दी कि, अगर उसने किसी को बताया तो वो उसे भी जान से मार देगा।
बेटी को फेंकने की जानकारी मिलते ही आऱोपी की पत्नीअपने ससुर और अन्य रिश्तेदारों को इस घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी गयी। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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