दुर्ग में JEE Main परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल का भंडाफोड़: चप्पल में छिपाकर लाया मोबाइल, ऐसे हुआ खुलासा
Maltimedia News
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां JEE Main जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में एक परीक्षार्थी द्वारा हाई-टेक तरीके से नकल करने की कोशिश की गई। आरोपी छात्र ने मोबाइल फोन को अपनी चप्पल के अंदर छिपाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया, लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी और अंततः वह पकड़ लिया गया।
📍 क्या है पूरा मामला?
यह घटना 2 अप्रैल 2026 की है, जब दुर्ग जिले के भिलाई स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज में JEE Main परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और सभी परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही थी।
इसी बीच एक छात्र, जिसकी पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है, परीक्षा देने केंद्र पहुंचा। उसने पहले से ही नकल की पूरी योजना बना रखी थी।
📱 नकल का अनोखा तरीका
आरोपी छात्र ने मोबाइल फोन को अपनी चप्पल के अंदर इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में उसका पता न चल सके। प्रवेश के समय उसने चप्पल उतार दी, जिससे मेटल डिटेक्टर में मोबाइल फोन का संकेत नहीं मिला और वह आसानी से परीक्षा हॉल में प्रवेश कर गया।
परीक्षा के दौरान छात्र ने बायो-ब्रेक का बहाना बनाया और वॉशरूम गया। वहां उसने मोबाइल फोन को दोबारा चप्पल में सेट किया और उसे इस्तेमाल करने की कोशिश की।
👀 ऐसे हुआ शक और खुलासा
जब छात्र वॉशरूम से लौट रहा था, तो वह सामान्य तरीके से नहीं चल रहा था, बल्कि चप्पल घसीटते हुए चल रहा था। उसकी इस असामान्य हरकत ने वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड का ध्यान खींचा।
गार्ड ने उसे रोककर पूछताछ की और चप्पल की जांच की। जांच के दौरान चप्पल के अंदर छिपाया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ।
👮 तुरंत हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ नकल करने और परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने के तहत मामला दर्ज किया गया है।
🔍 जांच जारी
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी छात्र ने यह तरीका खुद अपनाया या वह किसी नकल गिरोह के संपर्क में था।
⚠️ परीक्षा सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता के कारण ही आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया, लेकिन इस तरह के नए तरीकों ने परीक्षा प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
📢 निष्कर्ष
दुर्ग में सामने आया यह मामला दर्शाता है कि तकनीक के दुरुपयोग से परीक्षा प्रणाली को किस तरह चुनौती दी जा रही है। हालांकि, समय रहते हुई कार्रवाई ने एक बड़ी गड़बड़ी को रोक दिया। अब देखना होगा कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं और प्रशासन भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
(Maltimedia News – सच्ची खबर, सबसे पहले)
90% लोग ये नहीं जानते…
कुछ खबरें बाद में हटा दी जाती हैं 😳
📲 Facebook पर अभी जुड़ें
📢 WhatsApp चैनल जॉइन करें
🔥 वरना आप बड़ी खबर मिस कर सकते हैं!
0 Comments