यमुनानगर: हरियाणा में एक बार फिर किसानों का भारी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. सोमवार को यमुनानगर से कुरुक्षेत्र तक अन्नदाताओं का भारी जोश और चट्टानी एकजुटता नजर आई. भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर सैकड़ों की तादाद में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के बड़े काफिले के साथ कुरुक्षेत्र की पीपली अनाज मंडी में आयोजित ‘किसान महापंचायत’ के लिए रवाना हुए.
सुबह से ही शुरू हुआ कूच
सोमवार सुबह से ही यमुनानगर जिले के विभिन्न गांवों से किसानों के जत्थे निकलने शुरू हो गए थे. ट्रैक्टरों पर सवार होकर कुरुक्षेत्र की ओर बढ़ रहे इन किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसानों का कहना है कि वे इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए लंबे समय से गांव-गांव जाकर तैयारियां कर रहे थे और यही कारण है कि आज इतनी बड़ी संख्या में लोग घरों से निकले हैं. इस महापंचायत को लेकर किसानों में गजब का उत्साह होने के साथ-साथ सरकार के प्रति गहरा रोष भी है. प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार लगातार उनकी बुनियादी समस्याओं और मांगों की अनदेखी कर रही है. सरकार की इसी बेरुखी के चलते किसानों को अपने खेतों को छोड़कर बार-बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
भारत-अमेरिका कृषि समझौते का कड़ा विरोध
काफिले का नेतृत्व कर रहे किसान नेता संजू गुनियाना ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हम भारतीय किसान यूनियन के झंडे तले यहां एकजुट हुए हैं. सरकार लगातार किसान विरोधी फैसले ले रही है. हमें विशेष रूप से भारत-अमेरिका के प्रस्तावित कृषि समझौते पर सख्त ऐतराज है. जब तक हमारी आवाज नहीं सुनी जाती और जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, हमारा यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा. सरकार हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है, इसीलिए हमें मजबूरन यह रास्ता अपनाना पड़ा है
महापंचायत में तय होगी आर-पार की रणनीति
पीपली अनाज मंडी में होने वाली इस महापंचायत पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं. बताया जा रहा है कि इस मंच से बड़े किसान नेता आगे की रूपरेखा तय करेंगे और कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में एक और बड़ा और उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा. हरियाणा के किसानों का यह विशाल जमावड़ा सरकार के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश माना जा रहा है.
0 Comments