हरियाणा शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, कोडिंग और आधुनिक तकनीकी विषयों को पढ़ाने के लिए एक बड़ी पहल का ऐलान किया है। इसके तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में कंपोज़िट तकनीकी लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिनसे छात्रों को भविष्य-तैयार कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
🧠 योजना का उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशानिर्देशों के अनुरूप, यह पहल छात्रों को रट्टा नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान तथा समस्या-समाधान क्षमता सिखाने पर केंद्रित है। इन लैब्स के ज़रिये छात्र
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AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस)
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रोबोटिक्स और
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कोडिंग
जैसे भविष्य-उन्मुख विषयों को सीधे अनुभव के साथ सीख पाएँगे।
🧪 लैब्स में क्या होगा?
प्रत्येक लैब में होगा:
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कंप्यूटर और डिजिटल उपकरण
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रोबोटिक्स किट्स और प्रोग्रामिंग टूल
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इनोवेशन और प्रोजेक्ट-आधारित सीखने के संसाधन
ये लैब्स छात्रों को हाथ-से-काम सीखने, उद्यमिता और तकनीकी सोच विकसित करने में सक्षम बनाएंगी, जिससे वे आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र में करियर आसानी से बना सकें।
📚 शिक्षण और पाठ्यक्रम में बदलाव
हरियाणा बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन (HBSE) इन लैब्स के अलावा विशेषीकृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार कर रहा है, ताकि शिक्षक भी इन नवाचार-आधारित शिक्षण विधियों में दक्ष हों। साथ ही कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के लिए कंप्यूटर शिक्षा को और संगठित रूप से शामिल किया जाएगा, जिसमें सॉफ्टवेयर साक्षरता और प्रोग्रामिंग मॉड्यूल्स भी शामिल होंगे।
🚀 कब से लागू होगा?
इस योजना को अगले शैक्षणिक सत्र में लागू किए जाने की तैयारी चल रही है। पहले चरण में लगभग 100 सरकारी स्कूलों में यह पहल शुरू होगी, और बाद में इसके विस्तार की योजना है।
🎯 सरकार का लक्ष्य
HBSE के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने कहा है कि इस पहल का मकसद डिजिटल खाई को पाटना और छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। यह कदम उन छात्रों को भी तकनीकी शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेगा, जिन्हें अब तक संसाधनों की कमी के कारण सीमित अवसर मिलते थे।
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