उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की सोसायटी की नौवीं मंजिल से कूदकर मौत मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए शनिवार को पुलिस ने बच्चियों के पिता समेत अन्य परिजनों से घंटों पूछताछ की। इस दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई है। पूछताछ में पिता चेतन ने कबूल किया कि उसकी तीन शादियां और चौथी से भी संबंध रहा, जिसकी उसके ही छत से गिरकर मौत हो गई थी।
एक शादी संतान नहीं होने की वजह से हुई जबकि अन्य अवैध संबंधों की वजह से। इसके अलावा एक और बात सामने आ रही है कि चेतन के इन सबके अलावा एक और महिला से अवैध संबंध थे। जानकारी के मुताबिक चेतन के साथ उनकी तीन पत्नियां रहती थीं। दो पत्नियां सुजाता और हिना सगी बहने हैं और तीसरी मुस्लिम थी। सुजाता और हिना की एक और बहन भी यहां आकर कभी-कभी रहती थी। इन सबके अलावा 5 बच्चे इस फ्लैट में रहते थे।
पूछताछ में चेतन ने क्या बताया
चेतन से जब पूछा गया कि उसकी कितनी शादियां हैं और और लिव पार्टनर की मौत की क्या सच्चाई है तो उसने तीन पत्नियां होने और एक पार्टनर की मौत की बात कबूल की। उसने कहा कि उसकी पहली पत्नी सुजाता है। दोनों की कोई संतान नहीं हुई तो सुजाता की मर्जी से उसने अपनी सगी साली हिना से शादी कर ली थी। हालांकि, कुछ समय बाद ही उसका सीलमपुर में ससुराल के पड़ोस में रहने वाली तब्बू से संबंध हो गए।
उसे 9 साल पहले राजेंद्र नगर वाले फ्लैट में साथ रहने के लिए लाया तो घर पर झगड़े होने लगे। वर्ष 2018 में यहां उसकी तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। चेतन ने इसमें किसी तरह का हाथ होने से इनकार करते हुए कहा कि उस समय वह घर पर नहीं था और पुलिस जांच में उसे क्लीनचिट मिल चुकी है।
तब्बू की मौत के बाद टीना से अवैध संबंध
चेतन ने तीसरी शादी को लेकर कहा कि वह उसकी पार्टनर रही तब्बू की रिश्तेदार है। तब्बू की मौत के बाद उसके तब्बू की रिश्देदार टीना से अवैध संबंध बन गए। वह गर्भवती हो गई तो चेतन ने कोर्ट मैरिज कर ली। इस तरह वह तीन पत्नियों के साथ रह रहा था। चेतन की तीन शादियों में पांच बच्चे थे, जिनमें से 3 ने एक साथ खुदकुशी कर ली। हालांकि, चेतन की पत्नियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान उस पर कोई आरोप नहीं लगाया। हिना ने कहा कि उसने परिवार की मर्जी से चेतन से शादी की। वहीं, टीना ने कहा कि संबंध हो जाने के कारण शादी कर ली।
अभी भी कई हैं अनसुलझे सवाल
जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक तीनों बहनें पास के ही एक स्कूल में पढ़ती थीं। हैरान करने वाली बात है कि तीनों बेटियां एक साथ पढ़ाई में कैसे कमजोर हो सकती हैं। लोगों का कहना है कि बच्चियों को सरकारी या किसी कम फीस वाले स्कूल में भेजा जा सकता था। ऐसे में पढ़ाई छुड़वाने की थ्योरी समझ से बाहर की बात लग रही है।
परिजनों को कटघरे में खड़े कर रहे ये सवाल
घटना के वक्त क्या सभी ने गेट तोड़ने का प्रयास किया या फिर सिर्फ दिखावा था या पुलिस के आने का इंतजार किया गया?
घर की माली हालत की वजह से बच्चियों की पढ़ाई छुड़वाई या कोई और वजह है?
बेटियों की मौत के बाद पिता मॉर्चरी तक नहीं गया था। अंतिम वक्त में पिता का नहीं जाना सवाल खड़े करता है?
मीडिया के सामने मास्क लगाकर क्यों आ रहा पिता चेतन?
उस रात क्या हुआ था
बीते मंगलवार रात के करीब दो बज रहे थे जब गाजियाबाद की ‘भारत सिटी सोसाइटी’ की नौवीं मंजिल पर एक ऐसी खामोशी पसरी थी, जो आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी। तीन बहनें- 12 साल की पाखी, 14 साल की प्राची और 16 साल की विशिका अपने कमरे में मौजूद थीं। बाहर की दुनिया सो रही थी, लेकिन इन तीनों के दिमाग में एक मोबाइल गेम का नशा सिर चढ़कर बोल रहा था।
अचानक तीनों बहनें एक-दूसरे का हाथ थामकर बालकनी की तरफ बढ़ीं और बिना किसी हिचकिचाहट के नीचे छलांग लगा दी। सुबह होने तक पूरा इलाका इस खबर से दहल उठा। जब पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, तो वहां मिले एक सुसाइड नोट ने सबको सुन्न कर दिया। उस कागज पर लिखा था, सॉरी पापा, गेम नहीं छोड़ पा रही हूं, अब आपको अहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक- तीनों बहनों को एक ‘कोरियन लव गेम’ खेलने की लत थी।
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