सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों की इजाजत दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि परिसर में वसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी और नमाज दिन के एक बजे से तीन बजे के बीच पढ़ी जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि परिसर में दोनों समुदायों के आने-जाने के लिए रास्ते भी अलग होंगे। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति एवं संयंम बनाए रखने और पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही ASI के आदेश को जारी रखा है।
ASI के फैसले को SC ने बरकरार रखा
हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में केस के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की। बता दें कि 7 अप्रैल 2003 के ASI के आदेश के मुताबिक मंगलवार, बसंत पंचमी को हिंदू पक्ष और शुक्रवार को नमाज की इजाजत दी है।
1 बजे से 3 बजे तक पढ़ी जाएगी नमाज
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला परिसर में एक तरफ हवन कुंड रहे और दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष अपनी नमाज पढ़े। नमाज पढ़ने का वक्त 1 बजे से 3 बजे तक रहेगा जबकि बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों से आपसी सद्भाव, सहिष्णुता के साथ प्रशासन और पुलिस का सहयोग करने के लिए भी कहा है।
'तीन मौकों पर नमाज और पूजा एक साथ हो चुकी है'
इससे पहले सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कोर्ट को बताया कि ASI का आदेश विवाद का कारण है। मुस्लिम पक्ष के वकील सलमान खुर्शीद ने अपनी दलील में कहा कि इससे पहले तीन मौकों पर नमाज और पूजा एक साथ हो चुकी है। विष्णु जैन ने कहा कि हिंदू समुदाय सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करेगा, इस पर न्यायधीश ने कहा कि उन्हें भी पता है इतना समय नहीं लगता। जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि वह हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
HC को 2 हफ्ते में सुनवाई करने का निर्देश
SC ने भोजशाला परिसर के मूल विवाद को लेकर HC की डिवीजन बेंच को दो हफ्ते में सुनवाई करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा-'हम HC से आग्रह करते हैं कि वह ASI की सीलबंद रिपोर्ट को ओपन कोर्ट में खोले। साथ ही उच्च न्यायालय ASI रिपोर्ट की कॉपी दोनों पक्षों को दे। इसके बाद दोनों पक्षकार दो हफ्ते में रिपोर्ट को लेकर अपना एतराज रख सकते हैं। SC ने अपनी तरफ से याचिका पर निपटारा कर लिया है। अब इस मामले की सुनवाई HC करेगा। तब तक वहां यथास्थिति कायम रहेगी।
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