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सरस्वती नदी परियोजना से सांस्कृतिक एकता और विकास को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी



चंडीगढ़।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरस्वती नदी केवल एक नदी नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है। सरस्वती नदी के पुनर्जीवन से न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश को सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री यह बात सरस्वती नदी महोत्सव के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी देश को “सांस्कृतिक एकता के पवित्र सूत्र” में बांधने का कार्य करती है। सरकार का लक्ष्य इस ऐतिहासिक नदी को उसके प्राचीन स्वरूप में पुनर्जीवित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसके महत्व को समझ सकें।

📌 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सीएम सैनी ने बताया कि सरस्वती नदी परियोजना के अंतर्गत

  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

  • तीर्थ स्थलों का विकास होगा

  • स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे

नदी के किनारे पर्यटन, सांस्कृतिक केंद्र और सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

📌 वैज्ञानिक और ऐतिहासिक आधार पर हो रहा कार्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरस्वती नदी का पुनर्जीवन वैज्ञानिक शोध, ऐतिहासिक प्रमाणों और आधुनिक तकनीक के आधार पर किया जा रहा है। इस परियोजना में पुरातत्व, जल विज्ञान और पर्यावरण विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

📌 केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रही काम

सरकार ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आने वाले समय में सरस्वती नदी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में और ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरस्वती नदी परियोजना से
➡️ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी
➡️ धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी
➡️ हरियाणा विकास के नए पथ पर अग्रसर होगा


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