पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने पहले बीएलओ का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीटा और फिर सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ड्यूटी के दौरान हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बीएलओ मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन कार्य के लिए क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने बीएलओ को कॉलर से पकड़कर खींचा और जमीन पर गिराने के बाद पत्थर से सिर पर वार किया।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
हमले में बीएलओ को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गंभीर चोट के चलते उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखा जाएगा।
चुनावी कार्य में बाधा
इस घटना के बाद इलाके में मतदाता सत्यापन और अन्य चुनावी कार्य प्रभावित हुए हैं। चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने इस हमले को चुनावी प्रक्रिया पर सीधा हमला बताया है। अधिकारियों का कहना है कि BLO जैसे कर्मचारियों पर हमला लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हमलावरों की पहचान की जा रही है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने जताई चिंता
बीएलओ पर हुए इस हमले को लेकर चुनाव आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है और चुनावी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ दल का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब चुनावी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी ही सुरक्षित नहीं, तो निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कैसे संभव होंगे?
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