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IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ विरोध तेज, बर्खास्तगी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग



IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ विरोध तेज, बर्खास्तगी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग

भोपाल/मध्य प्रदेश।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा को लेकर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल में भारी उथल-पुथल मची हुई है। उनके एक सार्वजनिक बयान के बाद विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों, विशेषकर ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

क्या है पूरा विवाद?

IAS अधिकारी संतोष वर्मा का एक वीडियो और बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज और ब्राह्मण महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान को समाज विशेष के खिलाफ अपमानजनक, भड़काऊ और महिला-विरोधी बताया जा रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद यह मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क से लेकर सरकार तक पहुंच गया।

सड़कों पर उतरा विरोध

विवाद के बाद मध्य प्रदेश के कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिले।

  • विभिन्न स्थानों पर IAS संतोष वर्मा के पुतले जलाए गए

  • नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की

  • कई जगहों पर “शंखनाद” जैसे सांकेतिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए

ब्राह्मण समाज के संगठनों का कहना है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह की टिप्पणी संविधान और प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।

65 से अधिक संगठनों ने खोला मोर्चा

प्रदेश के 65 से अधिक ब्राह्मण संगठनों ने संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है।
इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो
मुख्यमंत्री आवास का घेराव और राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मामले में कई राजनीतिक नेताओं ने भी बयान दिए हैं।

  • विपक्षी दलों ने सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया

  • वहीं, सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

कुछ सांसदों और नेताओं ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर IAS अधिकारी की बर्खास्तगी की मांग भी की है।

समर्थन में भी उतरे संगठन

इस पूरे विवाद के बीच SC-ST और OBC संगठनों का एक वर्ग संतोष वर्मा के समर्थन में भी सामने आया है
इन संगठनों का कहना है कि

  • बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया

  • अधिकारी को जातिगत दबाव में निशाना बनाया जा रहा है

  • निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

ग्वालियर सहित कुछ शहरों में समर्थन में प्रदर्शन भी किए गए।

सरकारी स्तर पर क्या कार्रवाई हुई?

विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने

  • संतोष वर्मा को वर्तमान विभाग से हटाया

  • उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से अटैच किया गया

  • केंद्र सरकार को IAS सेवा से हटाने का प्रस्ताव भेजा गया है

बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ

  • विवादित बयान

  • प्रशासनिक आचरण

  • और कुछ पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।

मामला क्यों है संवेदनशील?

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि

  • एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी से जुड़ा है

  • इसमें जाति और महिला सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दे जुड़े हैं

  • सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है

आगे क्या?

फिलहाल

  • विरोध प्रदर्शन जारी हैं

  • सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है

  • केंद्र सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है

आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक तीनों स्तरों पर बड़ा रूप ले सकता है


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