करनाल/सोनीपत: हरियाणा में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि हरियाणा पुलिस ने करनाल के मलखान नाथ को 25 हजार रुपये के इनाम के लोभ में आरोपी चेतराम के रूप में प्रस्तुत कर दो साल तक जेल में रखा, जबकि वह निर्दोष था। आरोपी मलखान का कहना है कि उसे थर्ड-डिग्री टॉर्चर भी सहना पड़ा और पुलिस ने उसकी पहचान गलत तरीके से दर्ज कर दी।
🧑🌾 मामला क्या है?
• मलखान नाथ, 40, तरावड़ी के ललयाणी गांव का निवासी, जो मूल रूप से जड़ी-बूटियां बेचने का काम करता था, सोनीपत पुलिस की CIA गन्नौर टीम ने 11 दिसंबर 2023 को असम के लींदू शहर से गिरफ्तार किया था।
• पुलिस ने उसे चेतराम के नाम से पेश किया — एक 55-year-old आरोपी, जिस पर सोनीपत के पिनाना गांव में हुई महिला की हत्या का केस दर्ज था।
• चेतराम पर ₹25,000 का इनाम रखा गया था, और मलखान के पक्ष में आरोप है कि यही इनाम पाने के लिए उसे चेतराम बताया गया।
⚖️ मलखान के आरोप
मलखान का कहना है कि पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के लिए वीडियो भी बनाई और उसे चेतराम बताने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने बार-बार कहा “मैं चेतराम नहीं हूं, मैं मलखान हूं,” लेकिन पुलिस ने उन पर ज़ोर देकर कहा कि “तुम चेतराम बन जाओ, दो-तीन महीने में बाहर निकल जाओगे।”
😨 थर्ड-डिग्री टॉर्चर और धमकियाँ
मलखान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
पुलिस ने उसे थर्ड-डिग्री टॉर्चर किया।
उससे पेशाब हिटर पर करवाया, पानी में डुबोया, पैर तोड़े, और सिल्ली पसली टूटने तक की बात बताई गई।
पुलिस ने धमकी दी कि अगर वह चेतराम नहीं कहेगा तो “उसकी लाश बोरी में भरकर यमुना में फेंक देंगे।”
🧬 DNA व साक्ष्य
मलखान के परिवार ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई और DNA जांच के आदेश भी लिए। फरवरी 2024 में कोर्ट की ओर से मलखान और उसके परिवार के सदस्यों के DNA से मिलान कराया गया, पर रिपोर्ट लंबे समय तक पुलिस/प्रशासन द्वारा दबाई गई। अंततः 29 नवंबर 2025 में DNA रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि मलखान वास्तव में चेतराम नहीं हैं।
👨👩👧👦 परिवार की बदहाली
जेल में बिताए गए दो साल के दौरान मलखान का परिवार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ। उसकी पत्नी सरोज ने घर, प्लॉट और अपने गहने तक बेच दिए ताकि मुकदमे की कानूनी लड़ाई और खर्च पूरे हो सकें।
📌 अब क्या हो रहा है?
मलखान और उनके वकील ने सोनीपत पुलिस, तत्कालीन एसपी, डीएसपी, SHO, CIA टीम और अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि अगर कार्रवाई और सुनवाई करनाल में उचित नहीं हुई, तो वे डीजीपी से मिलेंगे और आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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