अंबाला। अंबाला शहर में हाल ही में लगाए गए पास्टर कंचन के पोस्टर और फ्लेक्स एक बार फिर चर्चा और विवाद का विषय बन गए हैं। इन फ्लेक्स बोर्डों में मित्तल गोत्र के इस्तेमाल को लेकर हिंदू समाज में रोष देखने को मिल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अग्रवाल समाज की विभिन्न संस्थाओं को साथ लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की।
31 अक्टूबर की घटना का जिक्र
विश्व हिंदू परिषद ने याद दिलाया कि इससे पहले 31 अक्टूबर को पास्टर कंचन द्वारा अंबाला शहर के मिशन कंपाउंड हॉस्पिटल में "शांति सभा" के नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का विरोध करने के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अग्रवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर हिसार हाईवे पर मिशन हॉस्पिटल के नजदीक प्रदर्शन किया था। इस विरोध प्रदर्शन के चलते अंबाला शहर में लगभग दो से ढाई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही थी।
धर्मांतरण के आरोप और पुलिस जांच
उस दौरान विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कंचन मित्तल पर 57 लोगों के धर्मांतरण का मामला दर्ज है, जिसकी जांच उत्तर प्रदेश के आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में चल रही है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस अंबाला में पास्टर कंचन को पकड़ने के लिए दो बार दबिश भी दे चुकी है।
प्रशासन के आश्वासन पर रुका था आंदोलन
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि पास्टर कंचन उक्त कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगी, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। हालांकि, कार्यक्रम के बाद आयोजकों द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में पास्टर कंचन की अंबाला में मौजूदगी का उल्लेख किया गया, जिससे हिंदू समाज में प्रशासन के प्रति नाराज़गी और बढ़ गई थी।
क्रिसमस और नववर्ष से पहले फिर भड़का आक्रोश
अब एक बार फिर क्रिसमस और नववर्ष को लेकर अंबाला में लगाए गए पास्टर कंचन के फ्लेक्स बोर्ड सामने आने के बाद हिंदू समाज का आक्रोश दोबारा भड़क उठा है। इसी आक्रोश को व्यक्त करने के लिए विश्व हिंदू परिषद ने यह प्रेस वार्ता आयोजित की।
मित्तल गोत्र के दुरुपयोग का आरोप
प्रेस वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष दिनेश कांत जिंदल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पास्टर कंचन पंजाब में धर्मांतरण का खेल चला रही हैं और मित्तल गोत्र का दुरुपयोग कर हिंदू समाज के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए भ्रमित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मित्तल गोत्र महाराजा अग्रसेन द्वारा सनातनियों को दिया गया गोत्र है और यदि कोई व्यक्ति सनातन धर्म छोड़ देता है, तो उसके द्वारा इस गोत्र को अपने नाम के साथ लगाना सनातनी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
कार्रवाई की चेतावनी और शिकायत
दिनेश कांत जिंदल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की किसी भी गतिविधि को हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार के फ्लेक्स छापने और लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद और सभी अग्रवाल समाज की संस्थाओं की ओर से अंबाला की महापौर और नगर निगम को फ्लेक्स बोर्ड हटवाने के लिए लिखित शिकायत भेज दी गई है।
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