वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से ढेर हो गया। उसके 2 साथी घायल हो गए। मृतक बदमाश की पहचान शेरगढ़ के रहने वाले रजत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बदमाश ने रविवार को अपने दो अन्य साथियों के साथ मॉडल टाउन में बरनाला शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी।
जिसके बाद यहां से तीनों बदमाश सीएम नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र लाडवा पहुंचे और वहां पर ठेके पर कई राउंड फायर कर हवा में पिस्टल लहराई और वहां से फरार हो गए थे। पुलिस, तभी से ही बदमाशों का पीछा कर रही थी।
अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, कैसे बदमाशों तक पहुंची पुलिस...
- एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे : पुलिस को शुक्रवार रात को सूचना मिली कि धोलेरा-रादौर हाईवे पर संदिग्ध बदमाश वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी इनपुट पर पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवे पर नाकाबंदी की। जहां बदमाशों से पुलिस का आमना-सामना हो गया।
- दोनों तरफ से चली ताबड़तोड़ गोलियां : पुलिस को देखते ही बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की। दोनों तरफ से 16-17 राउंड फायर हुए, जिसमें एक बदमाश गंभीर घायल हो गया। बदमाश की पहचान रजत कुमार के रूप में हुई। जिसने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
- मारे गए बदमाश पर 8 मुकदमे दर्ज : मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की रजत कुमार पर करीब 8 केस पहले से दर्ज हैं। जिस पर 50 हजार का इनाम भी रखा गया था। रजत के एक साथी लाडवा निवासी अमन कुमार को भी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र पुलिस ने दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार किया है।
- सीआईए इंचार्ज की बाजू से आर-पार हुई गोली : वहीं इस दौरान सीआईए-2 के इंचार्ज राकेश कुमार की बाजू में गोली लगी। गोली बाजू के आर-पार हो गई। अस्पताल में उपचाराधीन सीआईए-2 इंचार्ज की हालत स्थिर है। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए है।
काला राणा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है क रजत काला राणा गैंग का सक्रिय सदस्य था, जोकि गैंगस्टर नोनी राणा के कहने पर काम किया करता था। घटना की सूचना मिलते ही एसपी यमुनानगर कमलदीप गोयल सिविल अस्पताल पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी ली। मुठभेड़ स्थल और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी गोयल ने कहा, हमारी टीम पूरी तरह सतर्क थी। यह कार्रवाई अपराधियों को सख्त संदेश देती है कि कानून से बचना असंभव है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए और रजत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
काला राणा ग्रुप ने पुलिस को दी बदले की चेतावनी गुर्गे के एनकाउंटर के बाद काला राणा ग्रुप ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की। जिसमें उसने पुलिस को खुली धमकी दी है। उसने सीआईए इंस्पेक्टर राकेश कुमार को सीधे तौर पर चेतावनी भी दी है। पोस्ट में बदला लेने से संबंधित बातें लिखी गई है।
कौन है गैंगस्टर काला राणा, जिसने पुलिस को धमकाया... 2013 में लूट का पहला मामला दर्ज हरियाणा के यमुनानगर की कॉलोनी लक्ष्मी गार्डन में जन्मा वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा की 2012 से पहले तक पहचान शक्ल-सूरत से हैंडसम और पूरी तरह स्टाइलिस्ट नौजवान के रूप में थी। मगर, इसी साल वह कुछ ऐसे लोगों की संगत में पड़ गया, जिनका अपराध से छोटा-मोटा नाता रहा।
काला राणा ने इसी संगत में पड़ने के बाद अपराध की दुनिया में नाम कमाने का सपना बुनना शुरू कर दिया। पहली बार उसका नाम छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़े में आया, लेकिन 2013 में उसने अपने अपराध की बड़ी शुरुआत एक गाड़ी लूटने से की और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जेल में संपत नेहरा से हुई दोस्ती लूट के केस में जेल जाने के बाद उसकी मुलाकात उसी जेल में बंद बॉलीवुड स्टार सलमान खान की हत्या की साजिश रचने वाले लॉरेंस के गुर्गे संपत नेहरा से हुई। दोनों में अच्छी खासी दोस्ती हो गई और फिर संपत नेहरा ने उसे लॉरेंस व काला जठेड़ी गैंग में शामिल करा दिया।
इसके बाद जेल से बाहर आने पर काला राणा संपत नेहरा और लॉरेंस के शार्प शूटर्स के साथ मिलकर वारदातें करने लगा। उसने अपने गृह जिले यमुनानगर के अलावा आसपास के जिलों में कई वारदातें की। धीरे-धीरे उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में ऊपर आना शुरू हो गया।
पूर्व MLA के भाई पर चलाई गोलियां काला राणा पर अकेले यमुनानगर में ही 19 संगीन मामले दर्ज है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में काफी मामले दर्ज है। उसका नाम 2017 में उस वक्त सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया जब उसने पूर्व MLA दिलबाग सिंह के भाई राजा पर संपत नेहरा के साथ मिलकर गोलियां चला दी।
काफी समय तक पुलिस की पकड़ में नहीं आने पर उस पर 1 लाख रुपए का इनाम रखा गया। इस बीच वह फरारी के दौरान ही दिल्ली NCR के खूंखार गैंगस्टर काला जठेड़ी का खासमखास बन गया। हालांकि काला जठेड़ी भी उस वक्त तक फरारी काट रहा था, लेकिन पुलिस को काला जठेड़ी और काला राणा के बीच के गठजोड़ का पता नहीं चल पाया था।
फर्जी पासपोर्ट से थाईलैंड भागा इधर, दिल्ली पुलिस ने 7 लाख रुपए के इनामी बदमाश काला जठेड़ी को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद हुई पूछताछ में काला राणा का नाम सामने आया। तब तक तिहाड़ जेल में बने लॉरेंस गैंग के कंट्रोल रूम से पूरा सिंडिकेट चलता था।
लेकिन 2020 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजू बसौदी नाम के गैंगस्टर को थाईलैंड से गिरफ्तार किया तो काला राणा के बारे में पता चला कि वह भी थाईलैंड में ही रह रहा है। वह लॉरेंस सिंडिकेट को थाईलैंड से ही ऑपरेट कर रहा है।
वहीं दूसरी तरफ वर्ष 2021 में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में पुलिसकर्मियों पर गोलियों की बौछार कर गैंगस्टर कुलदीप उर्फ फज्जा को कस्टडी से छुड़ाने की साजिश में काला राणा का नाम सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से लेकर क्राइम ब्रांच ने राणा पर शिकंजा कसना शुरू किया।
वह किसी हरनाम सिंह व्यक्ति के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हुआ था। इसके बाद काला राणा का रेड कार्नर जारी हुआ और उसे थाईलैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। काला राणा पर सबसे ज्यादा मामले यमुनानगर, अंबाला, कुरूक्षेत्र, करनाल के अलावा साथ लगते पंजाब के जिलों में दर्ज है।
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