आईआईटी बॉम्बे के सांस्कृतिक उत्सव में 31 मार्च को परफॉर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल (पीएएफ) के हिस्से के रूप में "राहोवन" नामक नाटक का मंच किया गया। यह नाटक, रामायण पर आधारित था। इस नाटक में भगवान राम के चित्रण के दौरान उनकी कथित आलोचना की गई। इस नाटक के मंचन के बाद कलात्मक स्वतंत्रता बनाम धार्मिक भावनाओं पर बहस फिर से शुरू हो गई है। आरोप है कि इस नाटक में कथित नारीवादी मुद्दों को उजागर करने के लिए श्रीराम के चरित्र के साथ छेड़छाड़ किया गया है।
Video from IIT Bombay-
— Desidudewithsign (@Nikhilsingh21_) April 6, 2024
In cultural event called PAF (Performing Arts Festival) a play called Raahovan was organised.
This play was loosely based on Ramayana and they changed the names a little bit and in the name of making Ramayana Woke and Feminist they did this. #iitbombay pic.twitter.com/0Wwimkr8jm
इस नाटक को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक्स पर एक यूजर ने लिखा कि हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाना एक नया चलन बन गया है। पुडुचेरी विश्वविद्यालय के बाद, अब आईआईटी बॉम्बे संस्कृति महोत्सव में छात्र प्रभु श्री राम का मजाक उड़ाते और रामायण को अनुचित तरीके से दिखाते नजर आ रहे हैं। इस पर गौर करें और आयोजकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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