भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करना बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी को महंगा पड़ गया। 5 अप्रैल, शुक्रवार को अलविदा का नमाज पढ़ा गया, जिसके बाद ( babri masjid) बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई।
मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली और अयूब उर्फ पप्पू अंसारी और उसके तीन-चार साथियों को पकड़कर थाने लेकर गई। इकबाल अंसारी ने हाथापाई का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वो अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए अपने घर के समीप की मस्जिद में गए थे।
मस्जिद की खिड़की को लेकर शुरू हुआ विवाद
मस्जिद की एक खिड़की जिससे बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी दिखाई देते हैं बंद थी, जिसे इकबाल अंसारी ने खोल दिया। इस पर वहां मौजूद अयूब उर्फ पप्पू अंसारी और उसके तीन-चार साथियों ने इकबाल के साथ यह कहते हुए हाथापाई करनी शुरू कर दी। इकबाल अंसारी ने आरोप लगाया कि उनलोगों ने कहा कि तुम खिड़की इसलिए खोल रहे हो कि नमाज पढ़ने के बाद राजनीति करोगे और बाहर जाकर योगी-मोदी की तारीफ करोगे।
मारपीट करने, शांति भंग करने और धमकी देने का मामला दर्ज
हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद राम जन्मभूमि थाना पुलिस ने हस्तक्षेप किया और अयूब और उसके साथियों को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने आरोपी अयूब और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट करने, धमकी देने और शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अयोध्या पुलिस का कहना है कि आरोपी को शांति भंग के आरोप में चालान किया गया।
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