मगर जब टीए का जवान उनके हत्थे नहीं चढ़ा तो आतंकियों ने उसके भाई सरकारी कर्मचारी रजाक को मार दिया। आतंकी को मंगलवार को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आंखों में आंसू लेकर उसे विदाई देने के लिए पहुंचे।
मृतक रजाक की पत्नी गुलनाज कोसर ने बताया कि वह घर में खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इतने में सेना की वर्दी में शाल ओढ़े 2 बंदूकधारी लोग उनके घर में आए, जबकि 1 आतंकी घर के बाहर ही मौजूद था। घर के अंदर आए आतंकियों ने उसको बोला कि वह सेना के जवान हैं और उनके लिए खाना बनाओ।
मृतक रजाक की पत्नी गुलनाज कोसर ने बताया कि वह घर में खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इतने में सेना की वर्दी में शाल ओढ़े 2 बंदूकधारी लोग उनके घर में आए, जबकि 1 आतंकी घर के बाहर ही मौजूद था। घर के अंदर आए आतंकियों ने उसको बोला कि वह सेना के जवान हैं और उनके लिए खाना बनाओ।
पत्नी ने बताया कि पहले तो उसे लगा कि शायद वह सेना के जवान ही हैं, लेकिन जब उसने पूछा कि कितने लोगों के लिए खाना बनाना है तो आतंकियों ने कहा कि 15 लोगों के लिए। इसे सुनकर उसे शक हुआ कि यह सेना के जवान नहीं हो सकते। उस समय सेना का जवान ताहिर उर्फ लाल हुसैन भी घर के अंदर ही मौजूद था।
ताहिर ने बताया कि उसे बंदूकधारी लोगों की बात पर संदेह हुआ और उसने चार्जर पर लगा फोन उठाना चाहा, लेकिन उन 2 में से 1 आतंकी ने उसके सिर पर बंदूक रखकर बोला कि फोन उठाने का प्रयास भी मत करना। जब आतंकियों ने जवान से पूछा कि सेना का जवान ताहिर उर्फ लाल कहां है तो उसे यकीन हो गया कि यह आतंकवादी हैं।
ताहिर ने बताया कि उसे बंदूकधारी लोगों की बात पर संदेह हुआ और उसने चार्जर पर लगा फोन उठाना चाहा, लेकिन उन 2 में से 1 आतंकी ने उसके सिर पर बंदूक रखकर बोला कि फोन उठाने का प्रयास भी मत करना। जब आतंकियों ने जवान से पूछा कि सेना का जवान ताहिर उर्फ लाल कहां है तो उसे यकीन हो गया कि यह आतंकवादी हैं।
जवान ने बताया कि ताहिर उर्फ लाल अभी घर पर नहीं है तो आतंकियों ने उससे पूछा कि वह कहां है और कब तक घर लौटेगा। जवान ने बताया कि इसी बीच आतंकियों की बातों का जवाब देते हुए उसने फूर्ति से सिर पर रखी बंदूक को पीछे घूम कर नीचे की तरफ किया और वहां से भागने लगा। आतंकवादियों ने भी उसका पीछा किया और उसके पीछे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इनमें से कुछ गोलियां सैन्य जवान की बहन के घर की दीवार को भी लगी, मगर जवान आतंकियों के हाथ नहीं लगा और वहां से भागने में सफल रहा। मगर इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी, जिससे वह मामूली जख्मी हुआ।
इसी बीच जब सैन्य जवान आतंकियों को चकमा देने में कामयाब रहा तो उन्होंने उसके भाई, समाज कल्याण विभाग के जूनियर असिस्टेंट रजाक पर 2 गोलियां चलाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मृतक की पत्नी ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि जिस तरह से आतंकियों ने मेरे बच्चों के सिर से बाप का साया छीना है वैसे ही वह भी उन आतंकियों के शवों को आंखों से देखना चाहती है।
एडीजीपी जम्मू जोन ने राजोरी में जांची सुरक्षा व्यवस्था
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने राजोेरी में सुरक्षा उपायों की निगरानी और सुदृढ़ीकरण के लिए राजोरी का दौरा किया। आनंद जैन ने राजोेरी में सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
एडीजीपी जम्मू जोन को राजोरी-पुंछ जिलों के साथ-साथ जम्मू प्रांत में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई। चर्चा सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही। इसमें खतरे का आकलन, जवाबी उपाय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोगात्मक प्रयास शामिल थे। उन्होंने राजोेरी में आतंकवादी नेटवर्क समर्थन के खिलाफ सुरक्षा संबंधी कदम बढ़ाने और सक्रिय अभियान शुरू करने पर जोर दिया।
आतंकी नेटवर्क की पहचान के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने सहित कार्यात्मक दक्षता बढ़ाने के लिए डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर जोर दिया गया। बैठक में आगामी चुनावों के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने और किसी भी उभरती सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल और समन्वय की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। बैठक में आईजी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर आर गोपाल कृष्ण राव, , डीआईजी राजौरी-पुंछ रेंज तेजिंदर सिंह आईपीएस, डीआइजी सीआरपीएफ आनंद कुमार राजपरोहित के अलावा उप-विभागीय पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी राजोरी मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने राजोेरी में सुरक्षा उपायों की निगरानी और सुदृढ़ीकरण के लिए राजोरी का दौरा किया। आनंद जैन ने राजोेरी में सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
एडीजीपी जम्मू जोन को राजोरी-पुंछ जिलों के साथ-साथ जम्मू प्रांत में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई। चर्चा सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही। इसमें खतरे का आकलन, जवाबी उपाय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोगात्मक प्रयास शामिल थे। उन्होंने राजोेरी में आतंकवादी नेटवर्क समर्थन के खिलाफ सुरक्षा संबंधी कदम बढ़ाने और सक्रिय अभियान शुरू करने पर जोर दिया।
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