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अपने पैर को खाल निकलवाकर बेटे ने बनवाई अपनी मां के लिए चप्पल, खबर सुनकर आप भी हो जायेगे इमोशनल।



इस दौर में बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को अनाथ आश्रमों में छोड़कर बेसहारा कर देते हैं, तो वहीं इस घोर कलयुग में आज भी श्रवण कुमार जैसे बेटे भी हैं, जो अपने मां-बाप से बहुत ज्यादा प्यार और सम्मान करते हैं.


शहर के ढांचा भवन इलाके में रहने वाला रौनक गुर्जर कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रह चुका है. एक केस में आरोपी बने रौनक के पैर में पुलिस ने एक बार भी गोली मार दी थी. लेकिन अब रौनक नियमित रामायण का पाठ करता है और धार्मिक गतिविधियों में लीन रहने की कोशिश करता है.


कभी खूंखार अपराधी था रौनक गुर्जर

सोशल मीडिया पर जिस शख्‍स की खूब चर्चा हो रही है। उसका नाम रौनक गुर्जर बताया जा रहा है। दरअसल, रौनक गुर्जर कभी अपराध जगत में जाना पहचाना नाम था। लोग इस नाम से खूब खौफ खाया करते थे। रौनक पर करीब 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वो बदनाम ह‍िस्‍ट्रीशीटर हुआ करते थे। लेक‍िन अब रौनक का अपराध से कोई लेना-देना नहीं हैं। वो जमानत में बाहर है।

कैसे हुआ हद्धय परिवर्तन

दरअसल 2019 में रौनक का एनकाउंटर हुआ था। उसमें रौनक के पैर में गोली लग गई थी। तब से उसे चलने में दिक्क्त होने लगी और वो पूरी तरह बेडरेस्‍ट पर ही रहा। तब उसकी मां ने उसकी खूब देखरेख की। इस दौरान रौनक ने रामायण पढ़ी। ये ही रौनक की जिंदगी में टर्निंग प्‍वाइंट साबित हुआ। रामायण पढ़ने के बाद उसे इस बात का अहसास हुआ क‍ि इस संसार में सबसे अहम मां का दर्जा होता है। यहां से उसे मां की सेवा की प्रेरणा म‍िली।


मां के ल‍िए बना दी शरीर की खाल से खड़ाऊं

रामायण में प्रभु राम के चरित्र से काफी प्रभावित होकर रौनक ने मां के ल‍िए अपने शरीर की खाल उधाड़कर खड़ाऊं बना दी। रौनक के अनुसार रामायण में भगवान राम ने ही कहा है कि अपनी मां के लिए चमड़े से खडाऊं भी बनवा दें तो कम है। बस, इसी बात से प्रभावित होकर उन्‍होंने इस बात का संकल्‍प क‍िया। इसके ल‍िए रौनक अस्पताल में सर्जरी करवाकर अपनी जांघ की चमड़ी निकलवाई। इस बात की भनक उन्‍होंने घर में क‍िसी को लगने नहीं दी। फिर अपनी चमड़ी को लेकर वह मोची के पास पहुंचे और उसने ये चप्‍पल तैयार कर दी।

श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पहनाई चरण पादुका

रौनक ने 7 दिन के ल‍िए (14 से 21 मार्च को) अपने घर के पास भागवत कथा का आयोजन करवाया। इसी भागवत कथा के दौरान रौनक गुर्जर ने अपना संकल्प पूरा करते हुए मां के चरणों में अपनी चमड़ी से बनी चरण पादुका पहनाई। जब मां ने अपने बेटे के इस सर्मपण और त्‍याग की भावना को देखा उनकी आंखू से आंसू बहने लगे।

मौजूद सभी लोगों के बहने लगे आंसू

जब भागवत कथा के दौरान बेटे रौनक गुर्जर ने मां को सबकी उपस्थिति में यह चप्पल बनाई तो वहां मौजूद सभी लोगों के आंसू बहने लगे। मां भी अपने बेटे से लिपटकर खूब रोई। रौनक की मां का नाम निरूला गुर्जर है। मां के प्रति बेटे का यह प्यार देखकर लोग भाव विभोर हो गए थे।


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