बीती 22 जनवरी को अयोध्या में रामभक्तों का 500 साल पुराना इंतजार खत्म हुआ और रामलला अपने महल रूपी मंदिर में विराजमान हो गए. सदियों की इस प्रतीक्षा के पूरे होते ही भयंकर सर्दी को दरकिनार कर लाखों की संख्या में रामभक्तों हुजूम अयोध्या में रामलला की एक झलक पाने के लिए पहुंच गया. सोमवार रात से ही अयोध्या में भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था. मंगलवार देर शाम तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के अद्भुत स्वरूप को दर्शन कर चुके थे. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या देख कई बार भीड़ बेकाबू होती भी दिखाई दी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को कंट्रोल में कर लिया.
मंगलवार शाम हुआ चमत्कार!
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक सुंदर घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 'मंगलवार शाम लगभग 05:50 पर एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भ गृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक पहुंचा. जैसे ही बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने यह देखा तो वह बंदर की ओर यह सोचकर दौड़े कि कही वह उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे,लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े तो वैसे ही वह शांतभाव से भागते हुए उत्तरी द्वार की ओर गया. द्वार बंद होने के कारण वह पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच से होता हुआ, बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया. इस घटना को देखकर सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं रामभक्त हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आए हों.'
90% लोग ये नहीं जानते…
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