इस प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका और भारत के बीच मजबूत साझेदारी, जिसकी जड़ें दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, वह वैश्विक लोकतंत्र और शांति, स्थायित्व और समृद्धि बढ़ाने के लिए साथ काम करती रहेगी।
प्रस्ताव में क्या कहा गया?
इस प्रस्ताव को हाउज ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सांसद श्री थानेदार की तरफ से पेश किया गया है। इसे सांसद बडी कार्टर और ब्रैड शर्मन की तरफ से भी प्रायोजित किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आए थे और उन्होंने दोनों देशों के समान हितों और स्वतंत्रता, लोकतंत्र, बहुलतावाद, कानून के शासन, मानवाधिकार के सम्मान के प्रति साझा प्रतिबद्धताओं के आधार पर विश्वास और आपसी समझ को एक नए स्तर पर स्थापित किया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय विरासत वाले अमेरिकी नागरिक देश में सार्वजनिक जीवन को सरकारी अधिकारी, सैन्यकर्मी और कानून लागू करने वाले अफसर बनकर बढ़ाते हैं। यह लोग अमेरिकी संविधान के सिद्धांतों का समझदारी से पालन करते हैं। देश की अनेकता को समृद्ध करने में अहम योगदान देते हैं।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के जश्न को अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के साथ मनाया जाना जरूरी और अहम है। इससे दोनों देशों उन लोकतांत्रिक सिद्धांतों की तसदीक कर सकते हैं, जिनके आधार पर उनका जन्म हुआ था।
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