हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर को अनावरण के लिए पहुंचना था, लेकिन इस विरोध की स्थिति को देखते हुए यहां के लोकल विधायक लीलाराम गुर्जर ने अनावरण कर दिया और शिक्षा मंत्री नहीं आए. उसके बाद गुर्जर समाज के हजारों की संख्या में लोग चौक पर पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन करते हुए डीजे पर जमकर बवाल काटा. इसके बाद वह गुर्जर धर्मशाला में पहुंचे.
'जो गुज्जर नै छेड़ेगा वो मारा जाएगा...'
यहां पर गाने चल रहे थे 'जो गुज्जर नै छेड़ेगा वो मारा जाएगा...' इन्हीं गानों के शब्दों का सहारा लेते हुए विधायक लीलाराम ने अपने संबोधन में कहा 'जो गुज्जर को छेड़ेगा वो मारा जाएगा... गुज्जर को कोई नहीं छेड़ सकता, सिर्फ गुर्जर ही छेड़ सकता है.' अब विधायक के इन बोल को लेकर विवाद छिड़ा है. ससे पहले भी विधायक लीलाराम विवादित बयान दे चुके हैं.
आमने-सामने गुर्जर और राजपूत समाज
गौरतलब है कि सम्राट मिहिरभोज के नाम से गुर्जर समाज ने चौक कैथल में बनवाया है, जिसमें सम्राट मिहिरभोज के नाम के आगे गुर्जर सम्राट लिखा गया है. राजपूत समाज ने इस पर आपत्ति जताई है. जिसके बाद 19 जुलाई को राजपूत समाज के लोग इकट्ठा हुए तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ दिया. कार्यक्रम में 20 जुलाई को शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मूर्ति का अनावरण करना था, लेकिन समय से पहले ही विधायक ने अनावरण कर दिया क्योंकि कंवरपाल का आना कैंसिल हो गया तो और राजपूत समाज ने भी चेतावनी दी थी कि हम सुबह 8 बजे माल्यार्पण कर देंगे तो 7:30 बजे ही अनावरण कर दिया गया.
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