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निशा के परिवार से मिलने जा रहे सपा प्रतिनिधि मंडल पर पथराव, गांव जाने से रोका, पूर्व मंत्री समेत कई घायल


गाजीपुर जिले के करंडा के कटारिया गांव में युवती की मौत के मामले में परिवार से मिलने पहुंचे सपा के प्रतिनिधि मंडल और ग्रामीणों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों से पत्थर चलने लगे जिसमें पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा समेत कई लोगों को चोट लगी।


घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया जहां डॉक्टरों ने इलाज किया।

जानकारी के अनुसार बीते 15 अप्रैल को युवती रिता विश्वर्मा का शव गंगा नदी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। लेकिन युवती के परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से इस मामले को लगातार तूल दिया जा रहा है। जिसका ग्रामीण खुलकर विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में सपा का प्रतिनिधि मंडल सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, विधायक जैकिशन साहू, विधायक विरेंद्र यादव, जमानियां विधायक प्रतिनिधि मन्नू सिंह पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने बुधवार को कटरियां गांव गया। लेकिन प्रतिनिधि मंडल के साथ सैकड़ों की संख्या में लोगों के होने पर ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया।

पुलिस फोर्स भी हुई पथराव की शिकार

ग्रामीणों का कहना था कि मामले पर राजनीति न की जाए और केवल प्रतिनिधि मंडल के लोग ही मिलने जाए। इसी बात को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। इस पथराव में पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा समेत सपा के कई नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीण घायल हो गए। सभी का मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में इलाज किया गया। वहीं स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम के कई जवान भी चोटिल हुए हैं। मौके पर सीओ सिटी शेखर सेंगर, कोतवाल महेंद्र सिंह, करंडा इंस्पेक्टर समेत कई थानों की फोर्स मौजूद है।

दो दिन पहले सपाइयों ने किया था प्रदर्शन

गाजीपुर के कटरिया गांव की लड़की निशा विश्वकर्मा की मौत के मामले और समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव रीता विश्वकर्मा के साथ दुर्व्यवहार को लेकर सपा ने सोमवार को सरजू पांडेय पार्क पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद जुलूस निकालकर डीएम और एसपी के यहां गए और शिकायती पत्र सौंपा।

पीड़ित परिवार से मिला था भाजपा का प्रतिनिधि मंडल

करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया ग्राम में बीते 15 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई 16 वर्षीय नीशा विश्वकर्मा की मौत के मामले में मंगलवार को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल परिजनों से मिला था। भाजपा वाराणसी जिलाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने परिजनों से बातचीत करते हुए आश्वस्त किया कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल ने नीशा के पिता सियाराम विश्वकर्मा और अन्य परिजनों से मिलकर पूरी घटना की जानकारी लिया। एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार में कानून का राज है और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संबंधित उच्चाधिकारियों से नियमित संपर्क में हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने दूसरी पोस्ट में लिखा, भाजपा के अराजक तत्व अब पुलिस पर भी सीधे हमला कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि अहंकारी भाजपा सरकार ही उनकी संरक्षक है। अब क्या पुलिस भी पीड़ित कहलाएगी? अगर ऐसा है तो हम कहेंगे PDA में P से एक और वर्ग जुड़ गया है और वो है 'पीड़ित पुलिस'।

अखिलेश ने की दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग

गाजीपुर जिले के करंडा, कटारिया गांव में सपा प्रतिनिधियों पर पथराव को लेकर अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। सोशल मीडिया एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा, विश्वकर्मा समाज की एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल व सपा कार्यकर्त्ताओं के साथ-साथ सत्ता पोषित वर्चस्ववादी गांव के प्रधान द्वारा पुलिस पर भी पथराव व प्राणघातक हमला किया गया। दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करके, उन के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई हो। इस हमले में माननीय पूर्व मंत्री श्री राम आसरे विश्वकर्मा जी समेत कई लोग घायल हुए हैं। भाजपा राज में न गाँव सुरक्षित हैं, न शहर। उप्र अराजकता के सबसे ख़राब दौर से गुज़र रहा है। प्रभुत्ववादियों का पीडीए पर हमला दरअसल 95% आबादी पर हमला है।


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