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US- Iran War : ईरान में 165 बच्चियों की कब्रें देख दुनिया स्तब्ध, ट्रंप की भतीजी ने पूछा- कोई है जो इसे जस्टिफाई करे?



ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब से सामने आई तस्वीरों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। यहां एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाली 165 बच्चियों को हाल ही में दफनाया गया। बताया जा रहा है कि ये बच्चियां इजरायल और अमेरिका से जुड़े हमलों में मारी गईं।


अब इन मासूमों की एक साथ खोदी गई कब्रों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं


इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक ही मैदान में बराबर-बराबर 165 कब्रें खोदी गई हैं। बुलडोजर (JCB) की मदद से जमीन को काटकर लंबी कतारों में गड्ढे बनाए गए, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में कब्रें हाथ से खोद पाना संभव नहीं था। ऊपर से ली गई तस्वीरों में ये छोटे-छोटे गड्ढों की तरह दिखाई दे रहे हैं, लेकिन असल में ये उन बच्चियों की आखिरी आरामगाह हैं, जो कभी साथ पढ़ती, खेलती और सपने देखा करती थीं।

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

मंगलवार को इन सभी बच्चियों को दफनाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान हजारों लोग वहां मौजूद थे। माहौल बेहद भावुक था। माता-पिता और परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दृश्य युद्ध की सबसे दर्दनाक तस्वीरों में से एक है। लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है - आखिर इन मासूम बच्चों का क्या दोष था?

ट्रंप की भतीजी ने उठाए सवाल

इन तस्वीरों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भतीजी मैरी एल ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। मैरी एल ट्रंप ने कब्रों की तस्वीर को सोशल मीडिया पर दोबारा साझा करते हुए लिखा - 'मैं किसी को भी चुनौती देती हूं कि वह इसे सही ठहराए।' उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।


ईरान के विदेश मंत्री का भी बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इन कब्रों की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि ये कब्रें उन 160 से ज्यादा मासूम लड़कियों के लिए हैं, जो अमेरिकी-इजरायली बमबारी में एक स्कूल के अंदर मारी गईं। उन्होंने कहा कि 'जिस 'सुरक्षा' या 'बचाव' का वादा किया गया था, उसका नतीजा यही है। गाजा से लेकर मिनाब तक मासूमों की जान जा रही है।'

कब्रों की संख्या इतनी ज्यादा कि मशीनों का सहारा लेना पड़ा

तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि कब्रों की कतारें लंबी और सीधी हैं। इतनी बड़ी संख्या में कब्रें खोदने के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। ऊंचाई से ली गई तस्वीरों को देखकर किसी का भी दिल दहल सकता है। जमीन पर बने सैकड़ों छोटे गड्ढे दरअसल उन मासूम जिंदगियों की कहानी कह रहे हैं, जो अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद:

  • मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है

  • सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं

  • कई देशों में इस हमले की निंदा की जा रही है

हालांकि, इन हमलों को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं, लेकिन मासूम बच्चों की मौत ने वैश्विक स्तर पर संवेदना और आक्रोश दोनों को बढ़ा दिया है।


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