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अंबाला: फंड की कमी से अटकी नगर निगम की परियोजनाओं का दोबारा आकलन



अंबाला: फंड की कमी से अटकी परियोजनाओं का दोबारा आकलन

फंड की कमी के कारण अंबाला में नई विकास परियोजनाएं अटक गई हैं। अब नगर परिषद ने इन परियोजनाओं का नए सिरे से आकलन करने का निर्णय लिया है। खर्च में कटौती को ध्यान में रखते हुए कुछ योजनाओं में परिवर्तन भी किया जा सकता है।

नगर परिषद ने इस मंथन की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता और उनकी टीम को सौंपी है। टीम अब नया प्रस्ताव तैयार करेगी और केवल जनहित से जुड़े प्रमुख विकास कार्यों की फाइलों को ही आगे बढ़ाया जाएगा।


बैठक में हुई चर्चा

मंगलवार को नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की पुनः बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में उन ठेकेदारों को बुलाया गया जो सोमवार की बैठक में अनुपस्थित रहे थे। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए थे।

बैठक में एकता विहार में डाली गई भूमिगत पाइप लाइन को लेकर पूछताछ की गई। ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि जहां-जहां खामियां हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। इसके साथ ही पाइप की गुणवत्ता जांचने के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया गया।


बैठक में गूंजा फंड की कमी का मुद्दा

सोमवार को नगर परिषद की बैठक के दौरान फंड की कमी का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा था।

नववर्ष में शुरू होने वाले विकास कार्यों को लेकर जब ईओ ने जानकारी मांगी तो सामने आया कि प्रस्ताव तो तैयार हैं, लेकिन फंड का आकलन नहीं किया गया। इसी कारण इन कार्यों को शुरू कर पाना नगर परिषद के लिए मुश्किल हो गया है।


नगर परिषद की इमारत भी खस्ताहाल

फंड की स्थिति का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि नगर परिषद की अपनी इमारत खस्ताहाल हो चुकी है। उसके निर्माण और मरम्मत के लिए भी फिलहाल पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। केवल आंशिक मरम्मत कर कार्य चलाया जा रहा है।


जरूरी कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

बैठक में तय किया गया कि नए विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों का दोबारा आकलन किया जाएगा, ताकि निर्माण पर होने वाले खर्च में कटौती की जा सके।

शुरुआत में केवल अत्यंत आवश्यक और जनहित से जुड़े कार्यों को ही सूची में शामिल किया जाएगा।


अधिकारी का बयान

“बैठक में फंड की कमी का मुद्दा रहा। इसलिए नए विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को दोबारा आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खर्च में कटौती की जा सके। पहले बेहद जरूरी कार्यों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।”
देवेंद्र नरवाल, अधिशासी अधिकारी, नप सदर, अंबाला

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