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भोपाल: सरकारी स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने से बड़ा विवाद । हिंदू संगठनों का विरोध जारी ।



भोपाल: सरकारी स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने से बड़ा विवाद

भोपाल में एक बड़े गोमांस (बैन किए गए मांस) मामले ने शहर और राज्य की राजनीति, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच गंभीर बहस पैदा कर दी है।

घटना की शुरुआत 17 दिसंबर, 2025 की रात हुई, जब भोपाल पुलिस मुख्यालय के बाहर एक कंटेनर ट्रक को रोका गया, जिसमें लगभग 26.5 टन मांस भरा हुआ था। विरोध करने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि यह गोमांस है, जो गो-हत्या और गोमांस व्यापार पर प्रतिबंध कानूनों का उल्लंघन है।

🔍 लैब रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि

पुलिस ने मांस के नमूनों को उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा। 8 जनवरी को प्राप्त रिपोर्ट में मांस गाय या उसकी संतति का पाया गया, जो मध्य प्रदेश के कानून के अनुसार गोमांस पर पूर्ण प्रतिबंध है।

🧑‍⚖️ स्लॉटर हाउस का संबंध

जांच के दौरान पता चला कि यह मांस भोपाल नगर निगम (BMC) के जेहांगिराबाद/जिन्सी इलाके के स्लॉटर हाउस से जुड़ा हुआ है, जो सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल पर संचालित होता है और केवल भैंस का slaughtering अनुमत है। लेकिन कथित तौर पर गोमांस वहाँ से निकला। इसके बाद 9 जनवरी को वह स्लॉटर हाउस नगर निगम द्वारा सील कर दिया गया

👮‍♂️ जांच और कार्रवाई

  • पुलिस ने इस मामले में स्लॉटर हाउस ऑपरेटर असलम कुरैशी सहित कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

  • BMC ने उसके अलावा कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जिसमें एक पशु चिकित्सक डॉ. बेनी प्रसाद गौर भी शामिल हैं, जिन पर जांच में लापरवाही के आरोप लगे।

  • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गोमांस किसी बाहरी स्रोत से लाया गया था और केवल पैकिंग यहाँ हुई थी, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में स्लॉटर हाउस में गोवंश लाने का सीधा प्रमाण नहीं मिला है।

📍 राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस मुद्दे ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है:

  • हिंदू संगठनों, जैसे करणी सेना, बजरंग दल और जय मां भवानी संगठन, ने सड़क पर भारी प्रदर्शन किए, मुख्यमंत्री के नाम आलोचना और कड़े कदमों की मांग की और स्लॉटर हाउस को मिटाने की मांग तक कर दी।

  • कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार पर हमला बोला, कहा कि यह गो-संरक्षण के नाम पर धोखे जैसा है और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

  • नगर निगम अध्यक्ष ने भी चेतावनी दी कि दोषियों को सज़ा देने में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

📈 स्थिति अभी

पुलिस की जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया लगातार जारी है। दोनों पक्षों — सरकार और विपक्ष — के बयान और नीतिगत दिशा की प्रतीक्षा है। इस मामले की तह तक जाने के लिए अधिकारी सीसीटीवी, लाइसेंसिंग रिकॉर्ड, सप्लाई चैन और मोबाइल डेटा की भी जांच कर रहे हैं।


📌 विशेष नोट (लॉ एंड पॉलिसी)

मध्य प्रदेश में गाय, उसका मांस और उसकी संतति पर कड़े प्रतिबंध हैं, और ये प्रतिबंध कानून के तहत गंभीर दंड और सज़ा के दायरे में आते हैं। इसलिए जब भी किसी बड़े पैमाने पर गोमांस का संगरह या सप्लाई पकड़ा जाता है, यह न्यायिक, प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।

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