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“इंदिरा गांधी की आत्मा आ गई है” — कांग्रेस और AAP पर जमकर बरसे हरियाणा के मंत्री अनिल विज



चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के तेज-तर्रार नेता अनिल विज एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों पर एक साथ जोरदार हमला बोला है। पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर अनिल विज ने कहा कि “पंजाब में जो कुछ हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि इंदिरा गांधी की आत्मा आ गई है।”

अनिल विज का यह बयान उस समय आया है जब पंजाब में मीडिया संस्थानों पर सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है।


🔴 AAP सरकार पर गंभीर आरोप

अनिल विज ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि—

“जिस तरह से मीडिया पर कार्रवाई की जा रही है, वैसा ही दौर इमरजेंसी के समय देखा गया था। आज पंजाब में वही हालात दोहराए जा रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार आलोचनाओं से डर रही है और इसी डर के चलते मीडिया की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।


📰 मीडिया कार्रवाई को बताया ‘इमरजेंसी जैसा’

अनिल विज ने पंजाब केसरी मीडिया ग्रुप पर हुई कार्रवाई का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह सीधी-सीधी प्रेस की आज़ादी पर चोट है।
उन्होंने कहा कि—

“जब सरकारें कमजोर होती हैं, तब वे मीडिया को दबाने लगती हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।”

विज ने साफ शब्दों में कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और उस पर हमला करने वाली सरकारें ज्यादा दिन नहीं टिकतीं।


🟠 कांग्रेस पर भी साधा निशाना

अनिल विज ने सिर्फ AAP ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि—

  • कांग्रेस अब पूरी तरह टूट चुकी पार्टी बन गई है

  • पार्टी अपने ही बिखरे हुए टुकड़ों को जोड़ने की कोशिश कर रही है

  • जनता का कांग्रेस से भरोसा उठ चुका है

अनिल विज के अनुसार, कांग्रेस सिर्फ अतीत की राजनीति कर रही है और उसके पास जनता को देने के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है।


📚 “इंदिरा गांधी की आत्मा” बयान का मतलब क्या?

अनिल विज का “इंदिरा गांधी की आत्मा” वाला बयान सीधे तौर पर 1975-77 की इमरजेंसी की ओर इशारा करता है।
उस दौर में—

  • प्रेस पर सेंसरशिप लगी थी

  • विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया था

  • लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया गया था

विज का कहना है कि AAP सरकार वही रास्ता अपना रही है, जिससे देश पहले ही एक बार नुकसान झेल चुका है।


⚖️ राजनीतिक माहौल गरमाया

अनिल विज के इस बयान के बाद पंजाब और हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है
भाजपा नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और AAP की ओर से पलटवार की तैयारी की जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतंत्र का मुद्दा पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनने वाला है।


📌 निष्कर्ष

अनिल विज का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि AAP सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह होगा कि—

  • AAP सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है

  • कांग्रेस इस मुद्दे पर किस तरह की रणनीति अपनाती है

  • और जनता इस पूरे विवाद को किस नजर से देखती है

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