पुलिस और चश्मदीदों के मुताबिक, मैच चल रहा था तभी गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिससे खिलाड़ी और दर्शक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। फायरिंग की आवाज मैच की लाइव रिकॉर्डिंग में भी कैद हो गई। बालाचौरिया को सिर और चेहरे पर गोली लगी। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मीदीदों ने बताया कि कुछ लोग बोलेरो गाड़ी में इवेंट वाली जगह पर आए और जैसे ही टीमें मैदान में उतर रही थीं, उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी।
शुरुआत में भीड़ में मौजूद कई लोगों को लगा कि यह पटाखों की आवाज है, लेकिन जब साफ हो गया कि गोलियां चलाई गई हैं तो अफरातफरी मच गई। पुलिस उपअधीक्षक एचएस बल इस इवेंट के मुख्य अतिथि थे और उनके कार्यक्रम वाली जगह से जाने के कुछ ही देर बाद गोलीबारी हुई। पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे, जो घटना की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर वापस लौट गए। वहीं, हमलावर फायरिंग के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस टीमें जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचीं और हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
AAP सरकार पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने साधा निशाना
पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राज्य आज इस कदर असुरक्षित बन चुका है कि अब कबड्डी का मैदान भी गोलियों से सुरक्षित नहीं रहा। मोहाली में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर राणा बालाचौरिया की खिलाड़ियों और दर्शकों के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना इसलिए और भी दर्दनाक है क्योंकि राणा बालाचौरिया की शादी को मात्र 10-15 दिन ही हुए थे। एक नई-नई शुरू हुई जिंदगी को गैंगस्टर राज ने बेरहमी से खत्म कर दिया।
अश्विनी शर्मा ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबियां और जगराओं के तेजपाल सिंह की भी बेरहमी से हत्या की जा चुकी है। ये सभी घटनाएं एक ही बात स्पष्ट करती हैं कि भगवत मान सरकार के दौर में पंजाब के खिलाड़ी भी गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। भगवंत मान की नाकाम नेतृत्व क्षमता और अरविंद केजरीवाल की दिल्ली से चलने वाली रिमोट-कंट्रोल सरकार के तहत पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। अपराधी, गैंगस्टर, हत्यारे और शूटर बिना किसी डर के खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि सरकार विज्ञापनों और झूठे दावों में व्यस्त है।
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