दक्षिणी दिल्ली में भाजपा के स्थानीय नेता विकास मावी का अपहरण कर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को सुरजकुंड की पहाड़ियों में दबा दिया। गोविंदपुरी थाना पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विकास मावी के शव को बरामद कर लिया है। पुलिस मामले में आरोपियों के दो अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि पीड़ित 35 वर्षीय विकास मावी अपने परिवार के साथ तेखंड़ गांव में रहता था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा शामिल है। विकास पिछले 20 साल से भाजपा से जुड़े हुए थे। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विकास उर्फ विक्की के परिजनों ने रविवार शाम गोविंदपुरी थाना पुलिस को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
आखिरी बार शराब पीते हुए देखा गया
प्राथमिक जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को पता चला कि विकास को अंतिम बार तुगलकाबाद में विशाल राय के साथ शराब पीते हुए देखा गया था। पुलिस ने विशाल को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। सख्ती से पूछताछ करने पर विशाल ने उसके अपहरण और हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 48 वर्षीय प्रवीण उर्फ पम्मी और 40 वर्षीय केशव बिधूड़ी को गिरफ्तार किया।
हत्या के बाद शव पहाड़ियों में दफनाया
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने शनिवार को विकास उन्हें एक शादी के कार्यक्रम में मिला था। जिसके बाद वह उसे शराब पीने के बहाने से राहुल बिधुड़ी के आफिस में ले गए। जहां आरोपियों ने उसके साथ जमकर मारपीट की और तब तक पीटते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। मौत होने के बाद आरोपियों ने विकास की गाड़ी से उसके शव को सुरजकुंड़ की पहाड़ियों में ले जाकर दफना दिया। जिसके बाद आरोपी वापस आए और विकास की गाड़ी को गांव में ही सड़क किनारे खड़ा कर दिया और अपने अपने घर चले गए।
आरोपियों ने सबूत भी मिटा दिए
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या के बाद पकड़ न जाए इसे देखते हुए सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और गाड़ी, राहुल के आफिस की सफाई के अलावा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरें और उनकी डीवीआर तक हटा दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या के बाद से राहुल बिधुड़ी और एक अन्य आरोपी फरार है। जबकि पकड़े गए तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है।
हत्या क्यों कि पुलिस ने साधी चुप्पी
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस विकास की हत्या की वजह और किसके कहने पर की गई है, यह नहीं पता लगा पाई है। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए विकास ने पुलिस को बताया कि राहुल के कहने पर वह विकास को उसके आफिस लेकर आया था। जबकि राहुल और प्रवीण उर्फ पम्मी के बीच पहले भी एक बार झगड़े की बात सामने आ रही है। ऐसे में हत्या की वजह को लेकर पुलिस ने चुप्पी साध ली है।
आरोपियों का इलाके में बोलबाला
मृतक विकास के चाचा बिजेन्द्र का आरोप है कि पकड़े गए आरोपियों का इलाके में बोलबाला है और उन पर पुराने भी दर्जनों केस दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए सरकार से मांग की है कि राहुल बिधुड़ी का आफिस जहां विकास की हत्या की गई है। वह अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाया गया है। सरकार को उस पर बुलडोजर की कार्रवाई करनी चाहिए।
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