कांकेर जिले में हाल ही में हुई हिंसा के बाद एक ईसाई परिवार ने 20 साल बाद अपने मूल धर्म में वापसी की है। इस परिवार के साथ-साथ 50 से अधिक लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है।
घर वापसी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, कांकेर में ईसाई समुदाय से जुड़े कुछ लोगों द्वारा हिंसा की घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों ने हिंदू धर्म में लौटने का निर्णय लिया। घर वापसी करने वालों ने बताया कि धर्मांतरण के लिए किसी प्रकार का आधिकारिक दस्तावेज नहीं होता।
देवी-देवताओं की पूजा न करने की नसीहत
Kanker News, घर वापसी करने वाले लोगों ने दावा किया कि ईसाई मिशनरी उन्हें हिंदुओं के खिलाफ भड़काती थी और देवी-देवताओं की पूजा न करने की नसीहत दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उन्हें अपनी परंपराओं और आस्थाओं से दूर रखा गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा और धार्मिक मतभेदों के चलते परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया।
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