अंबाला में टांगरी नदी के शाहपुर-कोटकछुआ गांव के बीच बना बांध बुधवार रात 2 बजे टूट गया। इसके बाद शाहपुर, कोटकछुआ, भानोखेड़ी, ठरवा माजरी, धुराली, मिर्जापुर और आसपास के दर्जनभर गांव जलमग्न हो गए। किसानों के धान के खेत, इंडस्ट्रियल एरिया समेत करीब 10 कॉलोनियां बाढ़ से प्रभावित हैं।
बांध टूटने की वजह से अंबाला-जगाधरी हाईवे की एक लेन जलमग्न हो गई, जिससे यातायात बाधित हो गया। प्रशासन और ग्रामीणों ने जेसीबी से रास्ते तोड़कर पानी का रास्ता बदला और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। किसानों और ग्रामीणों ने पानी में उतरकर बांध को संभालने की कोशिश की, लेकिन टूटा हिस्सा करीब 20 फीट चौड़ा होने की वजह से मरम्मत में समय लग रहा है।
बांध के टूटने का एक कारण रिंग रोड के पास टांगरी नदी के पुल की संकरी चौड़ाई बताई जा रही है, जिससे पानी सही ढंग से बाहर नहीं निकल पाया। प्रशासन दिनभर बांध की मरम्मत में लगा हुआ है।
अंबाला में टांगरी नदी का बांध टूटने से शाहपुर, कोटकछुआ, भानोखेड़ी, ठरवा माजरी, धुराली, मिर्जापुर समेत कई गांव जलमग्न हो गए हैं। करीब 350-400 एकड़ खेत पानी में डूबे, इंडस्ट्रियल एरिया और 10 कॉलोनियां भी प्रभावित हैं। प्रशासन और डेरा श्रद्धालुओं की मिलकर बचाव में तेजी आई है, लेकिन कई जगह लोग घरों की छतों पर मजबूर होकर समय बिता रहे हैं।
सरकार ने एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, जेसीबी और जनरेटर लगाए हैं, राहत में युवा भी आगे आए हैं और खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं। जलस्तर अभी घट रहा है, पर स्थिति अभी कंट्रोल में लाने की कोशिश जारी है।
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