पलवल की प्रीति राहुल मलिक की कहानी कुछ ऐसी है:
1. प्रीति एक पढ़ाई-लिखाई में अच्छी टीचर रही हैं, उनके पास JBT, BA, BEd और फैशन डिजाइनिंग के कोर्स हैं। एक साल तक उन्होंने बच्चों को पढ़ाया भी है।
2. उनकी जिंदगी में साल 2024 का जून बड़ा मोड़ था, जब रोहतक से घर लौटते वक्त उनकी कार एक और गाड़ी से टकराई। दूसरी गाड़ी वालों ने उनके ड्राइविंग पर तंज़ कसा, जिससे प्रीति को बहुत चोट लगी।
3. इसी चोट और महिलाओं के प्रति झूठी सोच से प्रभावित होकर प्रीति ने ठाना कि वो हैवी व्हीकल — जैसे ट्रक, बस — खुद चलाकर दिखाएंगी।
4. पति राहुल मलिक के सपोर्ट से प्रीति हरियाणा रोडवेज TRAINING सेंटर गईं। यहाँ उनकी बैच की अकेली महिला थीं। 35 दिन की कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्होंने हैवी व्हीकल ड्राइविंग टेस्ट पास किया।
5. सितंबर 2024 में उन्होंने हैवी लाइसेंस के लिए APPLY किया, दिसंबर 2024 में लाइसेंस मिला। शुरुआत में यह बात मायके-ससुराल से छुपाई थी, बाद में सबको बताई तो पूरा परिवार गर्व महसूस करने लगा।
6. अब प्रीति फरीदाबाद, पलवल और मेवात इलाके की पहली महिला हैवी व्हीकल ड्राइवर हैं। उनके पास स्कूल बस से लेकर जज की गाड़ी चलाने के ऑफर आ रहे हैं।
7. प्रीति की शादी राहुल मलिक से हुई है, उनके बच्चे भी हैं। बच्चों की पढ़ाई की डिटेल उपलब्ध नहीं, लेकिन बताया जाता है कि प्रीति ने परिवार और करियर दोनों में संतुलन बनाया है।
8. आसपास के लगभग पूरे इलाके में — फरीदाबाद, पलवल, मेवात — अकेली प्रीति ही महिला हैवी व्हीकल ड्राइवर हैं, इसलिए उनकी पहचान खास है।
प्रीति की कहानी आत्म-सम्मान, जिद, और समाज में महिलाओं की बदली हुई सोच की मिसाल है।
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