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पहाड़ों के बीच गांव, ऊपर से आया मलबे का रेला; बादल फटने से किश्तवाड़ में धराली जैसी आपदा


जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में धराली जैसी तबाही हुई है। यहां बादल फटने से कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जबकि अभी यह संख्या बढ़ सकती है। यह बादल चशोती में फटा है, जो मचैल माता मंदिर के मार्ग पर स्थित है। यह आखिरी गांव है, जहां किसी गाड़ी से पहुंचा जा सकता है। हादसे के समय मचैल माता की यात्रा चल रही थी, जिसकी वजह से रूट पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। घटना के बाद मंदिर की वार्षिक यात्रा को स्थगित कर दिया गया है और रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

मचैल माता की यात्रा के लिए जुटने वाले लोग चशोती गांव को एक बेस कैंप की तरह भी इस्तेमाल करते हैं। यहां बड़ी संख्या में टेंट लगाए जाते हैं, जिससे श्रद्धालु आराम कर सकें। चारों ओर खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसे गांव में गुरुवार को अचानक बादल फटा और ऊपर से मलबा आ गया। अब तक 38 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई के शव मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे की वजह से नेटवर्क की समस्या भी हो गई है, जिससे लोगों का बाहरी इलाके से संपर्क कट गया है। गांव में यात्रा के लिए जगह-जगह लंगर वाले टैंट भी लगाए गए थे, वे भी मलबे में बह गए।

एलजी मनोज सिन्हा ने जताया दुख

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘किश्तवाड़ के चशोती में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। असैन्य, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज करने तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।’’ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से इस संबंध में बात की है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘चशोती क्षेत्र में बादल फटने की एक बड़ी घटना हुई है, जिससे भारी जनहानि होने की आशंका है। प्रशासन कार्रवाई में तुरंत जुट गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।’’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने की अमित शाह से बात

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, ''मैंने अभी-अभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें जम्मू के किश्तवाड़ क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी दी। खबर गंभीर और सटीक है, बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र से सत्यापित जानकारी आने में देरी हो रही है। बचाव कार्यों के प्रबंधन के लिए जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर से सभी संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं। मैं चैनलों या समाचार एजेंसियों से बात नहीं करूंगा। सरकार जब भी संभव होगा जानकारी साझा करेगी।''

धराली में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

हाल ही में उत्तराखंड के हर्षिल के पास धराली गांव में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। अचानक ऊपर पहाड़ियों से आए मलबे में चार से पांच मंजिला इमारतें दब गए। हर्षिल में बना सेना का हेलीपैड भी घटना का शिकार हुआ और पूरी तरह से मलबे और पानी से डूब गया। उत्तरकाशी जिले में पड़ने वाले धराली में कई दिनों बाद पूरी तरह से मदद पहुंचना शुरू हुई और अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मॉडर्न मशीनों की मदद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य टीमें मलबे में दबे लोगों के शवों को खोजने की कोशिश कर रही हैं।


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