SDM साहब मौके पर पहुंचे और उन्होंने पदाधिकारियों के हाथ से ज्ञापन लिया लेकिन उसके बाद पदाधिकारी माता वैष्णो देवी मंदिर से गोल चक्कर तक पैदल मार्च निकालने पर अड़ गए । पुलिस की फोर्स जिसमें कि डीएसपी और एसएचओ थाना सदर यह सब वहां पर मौजूद थे और उन्होंने इन लोगों को रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन यह लोग नहीं माने फिर जाकर समझौता हुआ कि हम शांतिपूर्वक ढंग से यहां से चलेंगे और गोल चक्कर तक जाएंगे हमारा मकसद सिर्फ दुकानों वालों को अनुरोध करना है कि वह हमारे शहीद हुए उन भाइयों के लिए थोड़े समय के लिए अपनी दुकानों को बंद कर दे ।
उसके बाद राय मार्केट में बजरंग दल के लोग व पदाधिकारी लोगों से हाथ जोड़कर विनती करते हुए नजर आए कि वह कुछ समय के लिए अपनी दुकानों को बंद कर दें लेकिन हैरानी की बात यह रही कि 80 पर्सेंट लोगों ने अपनी दुकानों को बंद नहीं किया और जिन लोगों ने बंद किया तो 5 मिनट के बाद ही उन्होंने अपनी दुकानों को दोबारा से खोल लिया ।
जहां एक तरफ बजरंग दल व पुलिस के अधिकारियों के बीच में नोकझोंक भी होती रही लेकिन पुलिस प्रशासन व बजरंग दल के पदाधिकारियों के द्वारा सूझबूझ से काम लिया गया ।
जब बजरंग दल के पदाधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने अपने अलग-अलग विचार रखें ।
बजरंग दल के पदाधिकारी उमेद सिंह राणा से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि हिंदू सोया हुआ है हमारा प्रयास मात्र उनको जगाने का है जो नूह में हुआ वह हरियाणा के हर जिले में हर जगह हो सकता है अगर हिंदू अभी नहीं जागेगा तो बड़ा नुकसान उठाएगा ।
उमेद सिंह राणा के अनुसार सरकार से उन्होंने मांग की है कि जो वहां दंगे में शहीद हुए लोग हैं उनके परिवार वालों को उचित मुआवजा दिया जाए इनके परिवार के सदस्यों को किसी न किसी को नौकरी दी जाए और दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ।
नगर संयोजक रितेंद्र सिंह राणा से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो हुआ वह गलत हुआ लेकिन अबकी बार उन्होंने बजरंग दल को छेड़ा है बजरंग दल मतलब बजरंगबली यह बदला बजरंगबली उनसे अपने आप ले लेंगे और हम दोबारा इस यात्रा को ले जाने की कोशिश करेंगे कि ताकि दोबारा इस यात्रा को ले जाया जा सके । उन्होंने कहा कि यात्रा पर जो पत्थरबाजी हुई है वह प्रशासन की नाकामी की वजह से हुई है अगर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद होता तो वहां पर इस तरह की घटना नहीं घटती
बजरंग दल के अन्य पदाधिकारी रणजीत सिंह विश्वकर्मा से जब बात की गई तो वे गुस्से में नजर आए और उन्होंने बताया कि यह घटना बहुत ज्यादा शर्मसार है यह मानवता के हित में नहीं है उन्होंने पहले से सब प्रकार की तैयारी कर रखी थी उनका मकसद था बजरंग दल के लोगों और पुलिस प्रशासन को जिंदा जला दिया जाए ।
बजरंग दल के पदाधिकारी अजैब सिंह राणा भी वहां मौजूद थे उन्होंने बताया कि वहां के माहौल किस प्रकार के थे । अजैब सिंह राणा जी के अनुसार जो लोग वहां से आए हैं उनके मुंह से सुने कि किस प्रकार वहां हिंसा भड़की किस प्रकार वहां पर हमारे ऊपर पथराव किया गया यह बहुत ही निंदनीय है राणा जी के अनुसार यह हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
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